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बलिया : एनएसएस विशेष शिविर के तीसरे दिन सामुदायिक सेवा और जागरूकता कार्यक्रमों का सफल आयोजन

(ब्यूरो आजमगढ़)

बलिया, 26 मार्च 2025: शहीद मंगल पांडेय राजकीय महिला महाविद्यालय, बलिया में चल रहे एनएसएस सात दिवसीय विशेष शिविर के तीसरे दिन स्वयंसेवकों ने विभिन्न सामाजिक और जागरूकता गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, इस दौरान योग सत्र, सामुदायिक श्रमदान, कानूनी जागरूकता वेबिनार, खेलकूद प्रतियोगिताएँ और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, प्रथम सत्र में स्वयंसेवकों ने पोषित ग्राम नगवा के प्राथमिक विद्यालय एवं देव स्थान में सामुदायिक श्रमदान किया,इस दौरान विद्यालय परिसर और मंदिर की सफाई की गई, दीवारों पर प्रेरणादायक संदेश लिखे गए और ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया, स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत स्वयंसेवकों ने “स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत” का नारा बुलंद किया और ग्रामीणों को प्लास्टिक मुक्त वातावरण के महत्व से अवगत कराया,
दूसरे सत्र में Rakshin Project के तहत कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम (POSH अधिनियम 2013) पर एक वेबिनार आयोजित किया गया, इस सत्र की मुख्य वक्ता सुश्री अराधना उमाले रहीं, जिन्होंने कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा, उनके कानूनी अधिकारों और POSH अधिनियम 2013 की विशेषताओं पर विस्तार से चर्चा की, इस वेबिनार में एनएसएस स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने प्रश्न भी रखे,
खेलकूद और सांस्कृतिक संध्या ने बढ़ाया उत्साह
तीसरे सत्र में खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें स्वयंसेवकों ने क्रिकेट और फुटबॉल में अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया,इसके बाद सांस्कृतिक संध्या में नृत्य, गीत, नाटक और कविता पाठ की शानदार प्रस्तुतियाँ दी गईं, नाटक प्रस्तुतियों में सामाजिक संदेशों को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा, कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अमित कुमार सिंह ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि “एनएसएस केवल सेवा का मंच नहीं, बल्कि नेतृत्व, जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व का एक सशक्त माध्यम है।” उन्होंने स्वयंसेवकों की सहभागिता की सराहना की, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रजनीकांत तिवारी जी ने भी छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि “समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए युवा शक्ति का योगदान अत्यंत आवश्यक है।”
कार्यक्रम की सफलता और भविष्य की दिशा
एनएसएस स्वयंसेवकों ने पूरे जोश और समर्पण के साथ कार्यक्रम को सफल बनाया,तीसरे दिन की गतिविधियों ने स्वच्छता, जागरूकता और नेतृत्व विकास को बढ़ावा दिया, जिससे स्वयंसेवकों को समाज सेवा के महत्व का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।

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