Uncategorized

भारतीय कालगणना ही श्रेष्ठ कालगणना है मनोज जी

बस्ती। भारतीय नववर्ष का आधार पूर्णतया वैज्ञानिक है, हमारे ऋषियों ने जो वैज्ञानिक की भूमिका में रहते थे समाज को जीने की कला, प्रदान किया। समय के सूक्ष्मतम मापन से अधिकतम मापन का गणित केवल हमारे शास्त्रों में वर्णित है। भारतीय नववर्ष आने पर प्रकृति श्रृंगार करती है, नूतन परिधान पहनती है सब कुछ नवीन हो जाता है हमारे घर धनधान्य से भर जाते है और आनन्दपूर्वक नववर्ष का अभिनन्दन सूर्योदय के साथ करते है। सृष्टि सम्वत्, युगाब्द और विक्रमी सम्वत् के प्रारम्भ का दिन आज ही है। समाज के उत्थान के लिए सभी को समय देना पड़ेगा। संघ की स्थापना के बाद हमारे समाज का गौरव बढ़ा है। हम अपनी संस्कृति को जीवन्त रखने में सफल रहते है। भारतीय जीवन समरस जीवन जीने में विश्वास रखते है।उपरोक्त बाते सरस्वती विद्या मन्दिर परिसर रामबाग में आयोजित वर्ष प्रतिपदा उत्सव व पथ संचलन के अवसर पर मुख्य वक्ता क्षेत्र सम्पर्क प्रमुख, पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र, श्रीमान् मनोज कान्त ने कही। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सरदार चरनजीत सिंह जी ने सभी को भारतीय नववर्ष विक्रमी सम्वत् 2082 की शुभकामना देते हुये कहा कि आज मैं स्वयं को गौरवान्चित अनुभव कर रहा हूँ, इस अद्‌भुत समागम में आकर। हम सभी लोग मिलकर नवीन ऊर्जा के साथ भारतीय नववर्ष का अभिनन्दन करें। हमारी गुरु परम्परा सदैव हिन्दू धर्म के उत्थान के लिये कार्य किया है। मंच पर विभाग संघचालक नरेन्द्र भाटिया जिला संघचालक पवन तुलस्यान उपस्थित रहे।पथ संचलन रामबाग से निकलकर पक्के, रोडवेज होते हुये शिवा कालोनी में समापन हुआ। स्वयंसेवक पूर्णगणवेश में पक्तिबद्ध होकर पूर्ण उत्साह एवं अनुशासन के साथ पथ संचलन किये।इस अवसर पर नगर संघचालक सुनील मिश्र विभाग कार्यवाह आशीष , विभाग प्रचारक डा० अवधेश अरविन्द त्रिपाठी सुभाष शुक्ल जिला कार्यवाह नीरज वायुनन्दन , श्रीराम गौरीशंकर जिला प्रचारक अजीत बलराम राजेन्द्र राजेश कुमार मिश्र वीरेन्द्र भवानी प्रसाद विष्णु प्रसाद सन्तराम अभिनव राघवेन्द्र कुंवर सुधांशु आशीष श्रीवास्तव गोविन्द सिंह भानू प्रताप धर्मराज अष्टभुजा महेश शुक्ला विवेकानन्द अंकुर वर्मा पवन कसौधन अजय सिंह आदि स्वयंसेवक व समाज के अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button