घनश्याम कुशवाहा (क्राइम ब्यूरो महराजगंज)
जच्चा और बच्चा दोनों की मृत्यु पर जिम्मेदार कौन आखिर कब तक होती रहेगी ऐसी मौतें

जिला महाराजगंज के निचलौल ब्लॉक में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को प्रसूता भर्ती कराया गया था।प्रसूता के जांच के बाद उसे जिला मुख्यालय महाराजगंज के लिए रेफर कर दिया गया था क्यों कि महिला के शरीर में रक्त की कमी थी । रास्ते में आशा कर्मी के द्वारा दलालों चंगुल में फंस कर प्रसूति को चमनगंज पुल के पास उज्ज्वल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया जहां ऑपरेशन के दौरान जच्चा बच्चा दोनों की मृत्यु हो गई ।
परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि महिला को प्रसव पीड़ा के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां ऑपरेशन के दौरान उसकी हालत बिगड़ गई और कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। मृतका के परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही से महिला की जान गई। वहीं, अस्पताल प्रबंधन परिजनों को समझाने-बुझाने और मामले को मैनेज करने में जुटा रहा।
मामले की सूचना पर स्थानीय पुलिस 112 भी मौके पर पहुंची थी लेकिन वापस आ गई । पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने पर आगे कार्यवही की जाएगी। घटना के बाद से अस्पताल प्रबंधन सवालों के घेरे में आ गया है।और परिजनों को लालच देकर मुंह बंद करने में जुटी हुई है लेकिन सवाल यह उठता है कि स्वास्थ्य विभाग आखिर किन मनको पर अस्पताल को रजिस्ट्रेशन कर देती है कैसे इलाज और सीजर कर लेते हैं यह कहीं ना कहीं पूरे महराजगंज में स्वास्थ्य विभाग आए दिन चर्चा में बना रहता है आखिर जांच तो होनी चाहिए कि आखिर क्या उसे महिला का ऑपरेशन करने वाले सफिशिएंट डॉक्टर भी कल रात मौजूद थे या भगवान भरोसे ऑपरेशन कराया जा रहा था सूत्रों की माने तो इस अस्पताल में मौके पर डॉक्टर नहीं रहते है इस मामले में सीएमओ ने बताया कि कार्यवाही जरूर होगा क्योंकि पेशेंट का कंडीसन उस हॉस्पिटल में रोकने लायक नहीं था जो रोक कर बहुत बड़ा गलती किया है । निचलौल ब्लाक के अंतर्गत आने वाले ऐसे दर्जनों हॉस्पिट है जिसमें न तो सही ढंग से इलाज हो सकता ना सिजेरियन की व्यवस्था है केवल धन उगाही की जा रही है आखिर इस तरह की मौतें कब तक होती रहेगी ।
इसका जिम्मेदार कौन है।ऐसे हॉस्पिटल संचालकों पर कठोर करवाई होनी चाहिए