NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्र संगठन- एआईडीएसओ व युवा संगठन- एआईडीवाईओ ने जूलूस निकाल कर किया विरोध प्रदर्शन
संवाददाता अंकित दूबे

जौनपुर (बदलापुर)
प्रमुख मांगें-
- सभी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
- NEET पेपर लीक में शामिल सभी दोषियों को कड़ी सज़ा दी जाए।
- NTA को समाप्त किया जाए।
- सार्वजनिक शिक्षा की रक्षा की जाए। उपरोक्त मांगों को लेकर देशव्यापी विरोध सप्ताह के क्रम में ऑल इण्डिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (AIDSO) व ऑल इण्डिया डेमोक्रेटिक यूथ आर्गनाइजेशन (AIDYO) ने आज संयुक्त रूप से जुलूस व विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। जुलूस की शुरुआत बदलापुर सब्जी मण्डी के पास स्थित संगठन के कार्यालय से की गई, जो इन्दिरा चौक होते हुए बदलापुर तहसील परिसर पहुंच कर विरोध प्रदर्शन में तब्दील हो गया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि, राजस्थान में प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद NEET-UG 2026 को रद्द किया जाना और CBI जांच के आदेश ने एक बार फिर देश में केंद्रीकृत उच्च-स्तरीय परीक्षाओं से जुड़े गहरे संकट को उजागर कर दिया है। छात्र संगठन AIDSO निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने में NTA की लगातार विफलताओं की कड़ी निंदा करता है। पिछले कई वर्षों से विभिन्न केंद्रीय परीक्षाओं में पेपर लीक, अनियमितता, हेरफेर और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप बार-बार सामने आते रहे हैं। इतने व्यापक प्रचारित “सुरक्षित” परीक्षा तंत्र को भेदने की क्षमता केवल सामान्य व्यक्तियों में नहीं हो सकती; इस प्रकार की संगठित धांधली प्रभावशाली और ऊँचे स्तर के नेटवर्क की संलिप्तता की ओर संकेत करती है। यदि हर बार असली दोषियों को बचा लिया जाए या जांच निष्कर्षहीन रह जाए, तो छात्र और अभिभावक NEET तथा अन्य केंद्रीय परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर कैसे भरोसा करेंगे?
AIDSO व AIDYO का मानना है कि इस गहरे दोषपूर्ण और अत्यधिक केंद्रीकृत परीक्षा प्रणाली की लगातार विफलता कोचिंग उद्योग के हितों को बढ़ावा देती है तथा छात्रों और उनके परिवारों पर भारी मानसिक, आर्थिक और शैक्षणिक दबाव पैदा करती है। यह चरम भ्रष्टाचार चिकित्सा शिक्षा के निजीकरण का परिणाम है। NEET-UG तथा अन्य केंद्रीय परीक्षाओं से जुड़े लगातार घोटालों ने छात्रों और अभिभावकों का विश्वास तोड़ दिया है। केवल प्रेस विज्ञप्तियों और अस्पष्ट आश्वासनों से विश्वसनीयता बहाल नहीं की जा सकती। इस अनिश्चित और त्रुटिपूर्ण व्यवस्था के कारण छात्रों पर पड़ने वाला भारी मानसिक दबाव अस्वीकार्य है। जब तक सख्त जवाबदेही तय नहीं की जाएगी और पद तथा शक्ति की परवाह किए बिना वास्तविक दोषियों को दंडित नहीं किया जाएगा, तब तक ऐसी घटनाएँ बार-बार होती रहेंगी। निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षाएँ आयोजित करने में NTA लगातार विफल साबित हुआ है, इसलिए इस एजेंसी को समाप्त कर दिया जाना चाहिए।
AIDSO व AIDYO छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों तथा सभी लोकतांत्रिक सोच रखने वाले लोगों से आह्वान करता है कि वे केंद्रीय परीक्षाओं के आसपास लगातार बढ़ती अनियमितताओं और असुरक्षा के खिलाफ संयुक्त आवाज़ उठाएँ तथा एक निष्पक्ष, लोकतांत्रिक और विश्वसनीय शिक्षा एवं परीक्षा प्रणाली की मांग को लेकर देशव्यापी संयुक्त छात्र आंदोलन का निर्माण करें।”
कार्यक्रम को एआईडीवाईओ के जौनपुर जिलाध्यक्ष इन्दुकुमार शुक्ल, एआईडीएसओ के राज्य सचिव दिलीप कुमार के अलावा अभिभावक प्रमोद कुमार शुक्ल ने भी सम्बोधित किया। संचालन संतोष प्रजापति ने किया। इस अवसर पर रामकुमार यादव, राजबहादुर विश्वकर्मा, यशवंत राव, अंजली सरोज, पूनम प्रजापति, साधना, रोशनी, एकता खरवार, राकेश निषाद, विनोद मौर्य, रवीन्द्र पटेल, शिवप्रकाश विश्वकर्मा, राकेश मौर्य, अमन, शिवकुमार, विकास मौर्य, मनोज कन्नौजिया, अजीत पटेल, आजाद गुप्ता, संजय सिंह सहित अन्य कई छात्र नौजवान मौजूद रहे।