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*भगवान परशुराम का जन्म दिन साहस, धर्म की रक्षा और अन्याय के विरुद्ध विजय का प्रतीक

घुघली में रविवार को भगवान परशुराम का जन्म दिन साहस, धर्म की रक्षा और अन्याय के विरुद्ध विजय का प्रतीक है,उक्त बातें भगवान परशुराम जयंती के दिन अस्थानी नगर पंचायत में स्थित डीएवी इंटर कॉलेज के हाल में आयोजित कार्यक्रम मेंविष्णुदेव उपाध्याय* ने कही उन्होंने आगे कहा कि
विष्णु जी के छठा अवतार हैं परशुराम जी पौरोणिक वृत्तान्तों के अनुसार उनका जन्म महर्षि भृगु के पुत्र महर्षि जमदग्नि द्वारा सम्पन्न पुत्रेष्टि यज्ञ से प्रसन्न देवराज इन्द्र के वरदान स्वरूप पत्नी रेणुका के गर्भ से वैशाख शुक्ल तृतीया को मध्यप्रदेश के इन्दौर जिला में ग्राम मानपुर के जानापाव पर्वत में हुआ था हम हम आज उनकी पूजा करके उनके द्वारा किए गए कार्यों को सम्मान के रूप में लेते हैं
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री देव ने कहा कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की प्रेरणा हमें भगवान परशुराम जी से मिलती है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देवेंद्र पांडे ने कहा किभगवान परशुराम को चिरंजीवी (अमर) माना जाता है, इसलिए इनकी पूजा का तत्काल फल मिलता है। यह दिन ज्ञान और पराक्रम के संगम का पर्व है।
कार्यक्रम दीप प्रज्वलन से शुरू हुआ दीप प्रजलान में वीरेंद्र सिंह सुरेश रुंगटा देवेंद्र पांडे शासकीय अधिवक्ता भरत शुक्ला विष्णु देव उपाध्याय उपाध्याय आदि प्रमुख लोगों ने किया कार्यक्रम की संयोजन विष्णु देव उपाध्याय ने किया कार्यक्रम की अध्यक्षता डीएवी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य योगेंद्र प्रसाद ने किया। कार्यक्रम को सुमन ओझा वीरेंद्र सिंह सुरेश रुंगटा देवेंद्र पांडे शैलेश दुबे भरत शुक्ला विजय मिश्राआदि लोगों ने भी संबोधित किया।
उक्त अवसर पर अनुज त्रिपाठी संदीप पाण्डेय,श्री देव उपाध्याय निहाल सिंह ब्रजभूषण त्रिपाठी सेतभान सिंह शेषमणि पाण्डेय सुरेश तिवारी हिमांशु पांडे अंकित वासिल आदर्श उपाध्याय प्रवीण उपाध्याय कृष्ण कुमार शिव तिवारी ईश्वर तिवारी डॉ सुभाष पांडे डॉक्टर मृत्युञ्जय पांडे गणेश दत्त पांडे शरद चतुर्वेदी अमित घोष पंकज वासिल विजय मिश्रा,कुमार उपाध्याय,शैलेश दुबे, घनश्याम मिश्रा, रवि पाण्डेय, हिमांशु पाण्डेय दिनेश पाण्डेय आदि ब्राह्मण समाज के लोग उपस्थित रहे।

जी न्यूज़ अमन मिश्रा

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