मझौवा मीर पंचायत में मनरेगा घोटाले का बड़ा खुलासा, ‘भूतिया मजदूरों’ का खेल उजागर
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संवादाता विकास

बस्ती। साँऊघाट विकास खण्ड के मझौवा मीर ग्राम पंचायत में मनरेगा योजना के तहत बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि पंचायत में 41 मजदूर सिर्फ कागजों पर दर्ज हैं, जबकि मौके पर कोई भी मजदूर कार्य करता नहीं मिला।
बताया जा रहा है कि बिना किसी वास्तविक काम के ही मजदूरों के नाम पर सरकारी धन की निकासी की गई है। इस पूरे मामले में ‘भूतिया मजदूरों’ के जरिए भ्रष्टाचार का खेल खुलेआम चलने के आरोप लगे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि असली मजदूरों को काम नहीं मिल रहा, जबकि फर्जी नामों पर भुगतान किया जा रहा है। इससे गांव में भारी नाराजगी और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
मामले में ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। वहीं, सरकार द्वारा लागू डिजिटल हाजिरी और पारदर्शिता के दावे भी इस मामले में पूरी तरह फेल नजर आ रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे