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पडरौना: आरा मशीन पर परमिट मांगने गए वन दरोगा पर हमला, ठेकेदार पर लाठी-डंडों से पिटाई का आरोप

दीनदयाल पाण्डेय
मंडल क्राइम ब्यूरो
गोरखपुर

पडरौना (कुशीनगर): नगर के छावनी इलाके में स्थित एक आरा मशीन पर शनिवार को उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब नोटिस देने पहुंचे एक वन दरोगा पर लकड़ी ठेकेदार और उसके साथियों ने कथित तौर पर जानलेवा हमला कर दिया। लाठी-डंडों से की गई इस पिटाई में वन दरोगा ने किसी तरह मौके से भागकर अपनी जान बचाई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पीड़ित वन दरोगा ने दो नामजद समेत पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है, वहीं दूसरे पक्ष ने वन दरोगा पर वसूली का आरोप लगाया है।
परमिट मांगते ही भड़का विवाद
पडरौना ब्लॉक में तैनात वन दरोगा दिवाकर यादव शनिवार दोपहर छावनी क्षेत्र की एक आरा मशीन पर पहुंचे थे। वह वहां नियमानुसार फायर सिलेंडर (अग्निशामक यंत्र) लगवाने की चेतावनी संबंधी नोटिस देने गए थे। इसी दौरान उनकी नजर वहां खड़ी एक लकड़ी से लदी ट्रॉली पर पड़ी। जब वन दरोगा ने ठेकेदार से लकड़ी के परिवहन का वैध परमिट मांगा, तो ठेकेदार और उसके साथी भड़क गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई।
लाठी-डंडों से पीटा, पुलिस जांच में जुटी
आरोप है कि विवाद बढ़ने पर ठेकेदार और उसके साथियों ने वन दरोगा को घेर लिया और लाठी-डंडों से उन पर हमला कर दिया। हमले से लहूलुहान होने से बचे वन दरोगा ने किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई और पडरौना कोतवाली पहुंचकर आपबीती सुनाई।
कोतवाली प्रभारी का बयान: > पडरौना कोतवाली के इंस्पेक्टर ओमप्रकाश तिवारी ने बताया कि वन दरोगा की ओर से लिखित शिकायत मिली है। पुलिस की एक टीम ने मौके पर जाकर जांच की है। घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए हैं, हालांकि अभी मारपीट का कोई स्पष्ट वीडियो सामने नहीं आया है। आसपास के अन्य कैमरों की फुटेज भी देखी जा रही है।
वसूली के आरोप से मामला उलझा
इस मामले में मोड़ तब आया जब आरोपी पक्ष ने वन दरोगा पर ही गंभीर आरोप मढ़ दिए। ठेकेदार और आरा मशीन से जुड़े लोगों का दावा है कि वन दरोगा वहां नोटिस देने नहीं, बल्कि डरा-धमकाकर अवैध वसूली करने आए थे। पैसे देने से इनकार करने पर ही विवाद खड़ा हुआ। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों को ध्यान में रखकर मामले की बारीकी से तफ्तीश कर रही है।

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