जन्मदिन पर सुनील कुमार शुक्ल ने प्रधानमंत्री को भेजा विकास संबंधी ज्ञापन, बंद चीनी मिलों, एयरपोर्ट संचालन और उद्योग स्थापना की उठाई मांग
कुशीनगर। अपने जन्मदिन के अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पूर्व सांसद प्रत्याशी सुनील कुमार शुक्ल ने कुशीनगर लोकसभा क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर भारत के प्रधानमंत्री को विस्तृत ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में उन्होंने कुशीनगर की बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनः चालू कराने, कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का नियमित संचालन शुरू कराने तथा जिले में कम-से-कम पाँच भारी औद्योगिक इकाइयों की स्थापना करने की मांग की है।

सुनील कुमार शुक्ल ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री ने कुशीनगर में आयोजित सभा में पडरौना चीनी मिल को 100 दिनों के भीतर चालू कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी न केवल पडरौना बल्कि कठकुइयां, रामकोला, सेवरही सहित जिले की अन्य बंद चीनी मिलें भी शुरू नहीं हो सकीं। इससे गन्ना किसानों और स्थानीय युवाओं को भारी आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है तथा रोजगार के अभाव में पलायन बढ़ रहा है।
उन्होंने ज्ञापन में यह भी कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का उद्घाटन होने के बावजूद नियमित घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू नहीं हो सकी हैं। यदि एयरपोर्ट का पूर्ण संचालन शुरू किया जाए तो बौद्ध पर्यटन को नई गति मिलेगी, कृषि एवं औद्योगिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में सुविधा होगी तथा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा।
ज्ञापन में कुशीनगर की भौगोलिक एवं प्राकृतिक विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा गया कि जिले में पर्याप्त जल संसाधन, उद्योगों के लिए उपयुक्त भूमि तथा बिहार से सटी रणनीतिक स्थिति उपलब्ध है। ऐसे में यहां कम-से-कम पाँच भारी औद्योगिक इकाइयों की स्थापना कर लाखों युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है और क्षेत्र को विकसित भारत की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है।
सुनील कुमार शुक्ल ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि 2014 के वादे को पूरा करते हुए कुशीनगर की सभी बंद चीनी मिलों को आधुनिक तकनीक के साथ पुनः संचालित किया जाए, कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर नियमित उड़ानें तत्काल शुरू कराई जाएं तथा जिले में भारी उद्योग स्थापित कर किसानों, युवाओं और आम जनता के आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त किया जाए।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेकर कुशीनगर के विकास को नई दिशा देगी। ज्ञापन की प्रतिलिपि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, केंद्रीय नागर विमानन मंत्री, केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री तथा केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री को भी प्रेषित की गई है।