पांचवें वर्ष भी विद्यालय का 100% रहा परीक्षा परिणाम ,
समस्त ग्रामीणों ने विद्यालय परिवार को दी बधाइयां ,


रायसेन जिला ब्यूरो चीफ आशीष सिंह रजक
पूर्व में मंत्री के द्वारा विद्यालय को किया जा चुका है सम्मानित ।
बरेली।
उदयपुरा ब्लाक अंतर्गत आने वाले
ग्राम छातेर के शासकीय हाई स्कूल का परीक्षा परिणाम इस वर्ष भी 100% रहा ज्ञात रहे कि यह कम यह क्रम विगत 5 वर्षों से अनवरत रूप से जारी है।
इस संबंध में संस्था प्राचार्य सलमान खान ने बताया गया कि बरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा समय-समय पर दिए जाने वाले मार्गदर्शन के अनुसार विद्यालय परिवार के द्वारा संस्था में अध्यनरत छात्र-छात्राओं के साथ अध्यापन कार्य किया जाता है। हमें इस बात की खुशी है कि हमारे द्वारा की आने वाली मेहनत का परिणाम आज बच्चों के द्वारा 100% रिजल्ट लाकर हमें गोरवान्वित किया है।
जिसको लेकर खान बताते हैं कि छात्र-छात्राओं के साथ साप्ताहिक , मासिक
शेड्यूल बनाकर परीक्षा की तैयारी करवाई जाती है। वर्ष में तीन बार कोर्स का रिवीजन हो जाता है इसी आधार पर बच्चों की परीक्षा की तैयारी करवाई जाती है।
वर्तमान में कक्षा 10 में 24 विद्यार्थीयों के द्वारा परीक्षा दी गई थी जिसमें 17 विद्यार्थी प्रथम एवं सात विद्यार्थी द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। सफलता को लेकर प्राचार्य ने विद्यालय के समस्त शिक्षक शिक्षकोंओ को बधाई दी है कि उनके द्वारा की जाने वाली मेहनत का परिणाम हमारे सामने है।
ज्ञात रहेगी पूर्व में जिला प्रभारी मंत्री के द्वारा 4 वर्षों से विद्यालय का हंड्रेड परसेंट परिणाम आने पर प्राचार्य खान को सम्मानित किया था।
मूर्ती निर्माण में जिस तरह कलाकार की अहम भूमिका रहती है, इसी प्रकार बच्चों के साथ साल भर उनके साथ
मेहनत करने वाले शिक्षक के द्वारा की जाने वाली मेहनत में शिक्षक एक अहम कड़ी है।
वर्तमान में जहां स्कूलों में बच्चों के द्वारा कक्षा 10 और 12 में जिले में और फर्स्ट और सेकंड डिवीजन बनाकर खुशी हो रही है जिसको लेकर छात्र-छात्राओं सहित जिनके माता-पिता खुश हैं तो वहीं दूसरी ओर शिक्षक की खुशियां भी काम नहीं है। क्योंकि इस दौरान शिक्षक को अपने बच्चों के साथ की जाने वाली एक साल की पूरी मेहनत का परिणाम बच्चों के आने वाले रिजल्ट के दौरान मिलता है क्योंकि बच्चा जहां उत्तरीण होकर अपनी सफलता पर गर्व करता है वह वहीं दूसरी है शिक्षक भी मन ही मन बच्चों की एक सफलता को लेकर
खुश होता है। क्योंकि यही एक मौका रहता है जब शिक्षक के द्वारा की जाने वाली 1 वर्ष की मेहनत का परिणाम सामने आता है।