वार्षिक निरीक्षण पर महराजगंज पहुंचे डीआईजी, थानों से पुलिस लाइन तक परखी व्यवस्था
होली–रमजान अलर्ट: हर्ष फायरिंग, अराजकता व नई परंपरा पर सख्त रोक
कच्ची-मिलावटी शराब, गोकशी व वारंटियों पर विशेष अभियान
साइबर अपराध पर शिकंजा—‘गांडीव’, ‘एनसीआरपी’ व ‘यक्ष’ एप के अनिवार्य उपयोग के निर्देश

जी न्यूज़ घुघली
महराजगंज। गोरखपुर परिक्षेत्र पुलिस के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) एस. चनप्पा ने मंगलवार को जनपद महराजगंज का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस लाइन, पुलिस कार्यालय की विभिन्न शाखाओं तथा पुरंदरपुर थाना व घुघली थाना का निरीक्षण कर कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा भी मौजूद रहे।
डीआईजी परिक्षेत्रीय कार्यालय गोरखपुर से प्रस्थान कर पुलिस लाइन महराजगंज पहुंचे, जहां रैतिक परेड में समस्त राजपत्रित अधिकारी, पुलिसकर्मी एवं रिक्रूट आरक्षी शामिल हुए। उन्होंने आरटीसी, बैरक, शस्त्रागार, मैस व परिसर की साफ-सफाई एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पुलिस कार्यालय की शाखाओं में अभिलेखों, रजिस्टरों और कार्यप्रणाली की जांच कर आवश्यक निर्देश दिए।
त्योहारों को लेकर विशेष सतर्कता
होली और रमजान को देखते हुए डीआईजी ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि होलिका दहन स्थलों और जुलूस मार्गों का पूर्व निरीक्षण कर बिजली के ढीले तारों सहित अन्य संभावित खतरों को दूर कराया जाए। डीजे संचालकों के साथ बैठक कर ध्वनि नियंत्रण नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए।
कच्ची व मिलावटी शराब के निर्माण और बिक्री पर सख्त कार्रवाई, नेपाल बॉर्डर से जुड़े व्यक्तियों व वस्तुओं की सघन चेकिंग के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी त्योहार में नई परंपरा शुरू न होने पाए और जातीय अथवा सामुदायिक विवादों पर त्वरित कार्रवाई हो। प्रत्येक थाना प्रभारी को होली के अवसर पर प्रत्येक 10 गांवों पर एक क्लस्टर मोबाइल टीम गठित कर सतत गश्त सुनिश्चित करने को कहा गया।
साइबर अपराध पर विशेष फोकस
डीआईजी ने साइबर अपराध नियंत्रण के लिए ‘गांडीव’, ‘एनसीआरपी’ और ‘यक्ष’ एप का प्रशिक्षण लेकर अनिवार्य उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही सीएम डैशबोर्ड की नियमित समीक्षा, सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, ट्रैफिक जाम की स्थिति, मैरिज हॉल की पार्किंग व्यवस्था और लाउडस्पीकरों के नियमानुसार संचालन की जांच के निर्देश दिए।
थानों का निरीक्षण, वारंटियों पर अभियान
निरीक्षण के अंतिम चरण में डीआईजी ने थाना पुरंदरपुर और थाना घुघली का निरीक्षण कर अभिलेख, मालखाना, हवालात, शस्त्रागार और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने सांप्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने, पुराने विवादों का त्योहार रजिस्टर में सत्यापन, बीट आरक्षियों की सक्रियता बढ़ाने, वांछित वारंटियों की गिरफ्तारी और गोकशी पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए। महिला संबंधी अपराधों पर प्राथमिकता से कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया।