*महराजगंज जिलाधिकारी सन्तोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद पर्यावरण को दुरुस्त व चुस्त रखने हेतु वृक्षारोपण की बैठक की गयी। **
जिलाधिकारी द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र,हास्पिटल,नीजी अस्पताल, विद्यालय, सड़क,रोड के किनारे तथा गौ सदन की खाली पडी भूमि सहित नर्सरी व गढ्ढे खोदने, सहित अन्य विभागों द्वारा ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाए जाने की समीक्षा की गयी।
जिलाधिकारी महोदय द्वारा उपस्थित सभी अधिकारियो को सुझाव दिया कि ऐसे पौधे न लगाये जो अनुपयोगी हो। ऐसा पौधा का चयन करें जो भविष्य में राजस्व व स्वास्थ्य वर्धक हो। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे कम से कम पांच – पांच सौ मीटर की दोनो पटरियों पर एक प्रजाति जैसे आम,कटहल,पीपल, जामून,या ऐसे फलदार वृक्ष लगायें जो एक पहचान या यादगार का रूप धारण कर सके। जिससे आने वाली पीढ़ियों में उदाहरण बनें। पूर्व में वृक्ष एक पहचान रखने में सहायक होता रहा है। डी एफ ओं को भी निर्देश दिया कि जगली पौधे के बजाय फलदार वृक्ष लगायें जिससे विभाग का आर्थिक लाभ भी और नाम भी।
जिलाधिकारी महोदय द्वारा डी आई ओ एस को निर्देश दिया कि वर्ष 2026में हाईस्कूल या इण्टर मीडिएट सी बी एस ई, आई सी एस सी या यूपी बोर्ड में टाप करने वाले बच्चों की सूची बनायें तथा उन बालक व बालिकाओं के हाथों पौधे लगावाए व नेमप्लेट भी जिससे बच्चों में शिक्षा के प्रति और जागरूकता व उत्साह प्राप्त हो सके।
जिलाधिकारी द्वारा पर्यावरण को सुरक्षित बनाये रखने में सामुदायिक स्वास्थ्य,नीजी अस्पताल की बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण में सी एम ओ को निर्देश दिए कि वेस्ट गाडिया को चेक किया जाय जिससे पता चल सके कि निर्धारित स्थान पर वेस्ट का निस्तारण किया जा रहा अथवा नहीं। जांच हेतु पूर्व में कमेटी गठन का निर्देश दिया गया था जिसमें कोई प्रगति नहीं होने पर नाराजगी भी ब्यक्त किया गया। पर्यटन स्थल दर्जनिया ताल के रास्ते में फूड फ्लावर हेतु डी एफ ओ को सुझाव दिया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह,डी0एफ0 ओ0, अपर पुलिस अधीक्षक, डी आई ओ एस, बेसिक शिक्षा अधिकारी,पी डी, उद्यान, सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
वर्तनी और व्याकरण संबंधी शुद्धि के साथ परिष्कृत प्रेस नोट

प्रेस विज्ञप्ति
महराजगंज, 30 अप्रैल 2026, जिलाधिकारी श्री सन्तोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद में पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिला वृक्षारोपण एवं गंगा समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, अस्पतालों, निजी चिकित्सालयों, विद्यालयों, सड़कों के किनारे, गौ-सदनों की खाली भूमि तथा नर्सरियों में गड्ढों की खुदाई सहित विभिन्न विभागों द्वारा अधिक से अधिक पौधरोपण हेतु समग्र तैयारियों की समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वृक्षारोपण हेतु ऐसे पौधों का चयन किया जाए जो उपयोगी हों तथा भविष्य में आय सृजन एवं स्वास्थ्यवर्धक लाभ प्रदान कर सकें। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे कम से कम 500-500 मीटर की दोनों पटरियों पर एक ही प्रजाति के पौधे, जैसे आम, कटहल, पीपल, जामुन अथवा अन्य फलदार वृक्ष लगाए जाएं, जिससे क्षेत्र की एक विशिष्ट पहचान विकसित हो सके और आने वाली पीढ़ियों के लिए यह प्रेरणास्रोत बने।
उन्होंने प्रभागीय वनाधिकारी को निर्देश दिया कि वन विभाग द्वारा जंगली पौधों के स्थान पर अधिकाधिक फलदार पौधे लगाए जाएं, जिससे आर्थिक लाभ प्राप्त होने के साथ जनसहभागिता भी बढ़े। जिलाधिकारी ने पर्यटन स्थल दर्जनिया ताल मार्ग पर सौंदर्यीकरण एवं विकास हेतु प्रभागीय वनाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित किया कि वर्ष 2026 में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट (सीबीएसई, आईसीएसई एवं यूपी बोर्ड) के टॉपर छात्र-छात्राओं की सूची तैयार की जाए तथा उनके हाथों से पौधरोपण कराया जाए। साथ ही संबंधित पौधों पर नाम पट्टिका भी लगाई जाए, जिससे विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति रुचि एवं उत्साह बढ़ सके।
बैठक में पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं निजी अस्पतालों से निकलने वाले बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण की समीक्षा भी की गई। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि बायो मेडिकल वेस्ट ले जाने वाली गाड़ियों की नियमित जांच की जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि अपशिष्ट का निस्तारण निर्धारित स्थल पर ही किया जा रहा है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, परियोजना निदेशक, जिला उद्यान अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।