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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन में संगीत कक्ष का किया शुभारंभ

संवाददाता अंकित दूबे

जौनपुर। कुंवर अनुपम सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जौनपुर द्वारा सुश्री श्रृष्टि जैन, सहायक पुलिस अधीक्षक जौनपुर के साथ रिजर्व पुलिस लाइन जौनपुर में पुलिसकर्मियों, उनके परिजनों एवं बच्चों के कल्याण, मानसिक स्वास्थ्य, सांस्कृतिक विकास एवं मनोरंजन को ध्यान में रखते हुए स्थापित शास्त्रीय संगीत व उप शास्त्रीय संगीत कक्ष का विधिवत उद्घाटन किया गया। उक्त पहल “वामा सारथी” योजना के अंतर्गत पुलिस परिवारों के कल्याण एवं बच्चों के रचनात्मक विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय के मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ अत्यंत गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। उद्घाटन अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं पुलिस परिवार के सदस्यों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे पुलिस परिवार के हित में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी कदम बताया।

इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जौनपुर ने कहा कि पुलिस विभाग का कार्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण एवं तनावपूर्ण होता है। पुलिसकर्मी दिन-रात आमजन की सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु निरंतर कार्य करते हैं। ऐसे में पुलिसकर्मियों एवं उनके परिवारों के मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए सकारात्मक एवं रचनात्मक गतिविधियों का होना अत्यंत आवश्यक है। संगीत व्यक्ति के जीवन में मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा एवं आत्मिक संतुलन प्रदान करने का प्रभावी माध्यम है।

कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा संगीत शिक्षक से संवाद कर बच्चों को दिए जाने वाले प्रशिक्षण, विभिन्न संगीत विधाओं एवं वाद्ययंत्रों की जानकारी प्राप्त की गई। इस दौरान दीनदयाल दीक्षित, प्रतिसार निरीक्षक जौनपुर द्वारा मधुर गायन प्रस्तुति दी गई, जिसे उपस्थित सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं बच्चों द्वारा अत्यंत सराहा गया। साथ ही संगीत शिक्षक द्वारा भी शास्त्रीय एवं आधुनिक संगीत की आकर्षक प्रस्तुति दी गई तथा विभिन्न वाद्ययंत्रों का प्रदर्शन किया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा पुलिस लाइन परिसर में उपस्थित बच्चों से आत्मीय संवाद स्थापित करते हुए उन्हें संगीत, गायन एवं वाद्ययंत्र सीखने हेतु प्रेरित किया गया। उन्होंने बच्चों से कहा कि संगीत न केवल एक कला है, बल्कि यह अनुशासन, धैर्य, आत्मविश्वास एवं रचनात्मक सोच को विकसित करने का प्रभावी माध्यम भी है। उन्होंने बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में भी सक्रिय सहभागिता करने हेतु प्रोत्साहित किया।

संगीत कक्ष में प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा नियमित रूप से गायन एवं विभिन्न वाद्ययंत्रों जैसे तबला, हारमोनियम, गिटार, की-बोर्ड आदि का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य पुलिस परिवार के बच्चों को उनकी रुचि एवं प्रतिभा के अनुरूप मंच उपलब्ध कराना तथा उन्हें सांस्कृतिक रूप से समृद्ध एवं आत्मविश्वासी बनाना है।

“वामा सारथी” योजना के अंतर्गत संचालित यह पहल पुलिस परिवारों के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं मानसिक सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है, जिससे पुलिसकर्मियों एवं उनके परिजनों को सकारात्मक वातावरण एवं रचनात्मक मंच प्राप्त होगा।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय ने कहा कि जनपद पुलिस द्वारा पुलिसकर्मियों एवं उनके परिवारों के कल्याण हेतु समय-समय पर विभिन्न रचनात्मक एवं कल्याणकारी कार्यक्रम संचालित किए जाते रहे हैं तथा भविष्य में भी इसी प्रकार की जनहित एवं परिवार हितैषी पहल जारी रहेंगी।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारी/कर्मचारीगण, पुलिस परिवार के सदस्य, संगीत शिक्षक एवं बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित रहे। कार्यक्रम का वातावरण अत्यंत उत्साहपूर्ण, प्रेरणादायी एवं सांस्कृतिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा।

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