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SOC न्यायालय में बड़ी अनियमितता उजागर: अधिकारी के सरकारी आवास से 26 पत्रावलियां बरामद, कार्रवाई की संस्तुति

कुशीनगर संवाददाता
घुघली समाचार

पडरौना/कुशीनगर। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर के निर्देश पर बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी (SOC) पडरौना के न्यायालय का त्रिस्तरीय औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें गंभीर प्रशासनिक अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच के दौरान पीठासीन अधिकारी के सरकारी आवास से 26 पत्रावलियां बरामद हुईं, जिनमें से 15 पत्रावलियां ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज ही नहीं थीं।
जिलाधिकारी के आदेश के अनुपालन में 30 जुलाई 2026 को अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव मिश्रा, उप जिलाधिकारी (न्यायिक) पडरौना डॉ. संतराज तथा उप जिलाधिकारी (न्यायिक) हाटा विवेकशील यादव की संयुक्त जांच टीम ने SOC न्यायालय का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली में आदेश हेतु सुरक्षित 50 पत्रावलियां प्रदर्शित थीं, जबकि मौके पर पेशकार केवल 14 पत्रावलियां ही उपलब्ध करा सका। जांच के दौरान पीठासीन अधिकारी संतोष कुमार के सरकारी आवास से 26 अतिरिक्त पत्रावलियां बरामद कर न्यायालय लाई गईं। इनमें 15 पत्रावलियां ऐसी थीं, जिनका ऑनलाइन पोर्टल पर कोई रिकॉर्ड दर्ज नहीं मिला।
जांच में यह भी पाया गया कि कई मामलों में महीनों पहले बहस पूरी हो चुकी थी, लेकिन अब तक आदेश पारित नहीं किए गए थे। साथ ही आदेश फर्दकाम निर्धारित बारकोड प्रणाली के बजाय साधारण कागजों पर दर्ज पाए गए, जो प्रक्रिया संबंधी गंभीर अनियमितता मानी गई।
जांच समिति की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
संयुक्त जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि पीठासीन अधिकारी द्वारा पत्रावलियों का समय पर निस्तारण न कर उन्हें अपने सरकारी आवास पर रखकर अनावश्यक रूप से लंबित रखा गया, जिससे अनुचित लाभ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। समिति ने जिलाधिकारी को विस्तृत रिपोर्ट सौंपते हुए संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की संस्तुति की है।

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