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मध्यप्रदेश में बरसीं कुशीनगर के कवि ‘सावन’ की कविताएँग्वालियर में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्नसंवाददाता सिरजेश यादव

आंचलिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (जीट), ग्वालियर में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशिक्षण में वाराणसी, लखनऊ, भोपाल, जबलपुर, आगरा सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्रतिभाग किया।
संस्थान के निदेशक बन्नालाल मोरोडिया के मार्गदर्शन में संसाधक देश दीपक, पंकज, महेंद्र प्रताप, संतोष कुमार सहित अन्य विशेषज्ञों ने शिक्षकों को अध्ययन-अध्यापन में नवाचार तथा सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग के लिए प्रशिक्षित किया। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षण को अधिक रुचिकर, प्रभावी और तकनीक-संपन्न बनाने के विभिन्न आयामों पर चर्चा हुई।
हिंदी माह के अंतर्गत संस्थान में कवि सम्मेलन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। कवियों और संगीतकारों की प्रस्तुतियों से सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
इस अवसर पर साहित्यकार एवं सावन साहित्य सेवा सदन ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. सुनील ‘सावन’ ने अपने काव्य संग्रह ‘हाय री! कुमुदिनी’ से चयनित कविताओं एवं गीतों का भावपूर्ण पाठ किया। माता-पिता के प्रति श्रद्धा और सम्मान की भावना व्यक्त करते हुए उन्होंने सुनाया—
“माँ ममता के अमृत से जीवन को सींचे,
मेरी ज़िन्दगी है पापा के पाँव के नीचे।”
इन पंक्तियों ने श्रोताओं को भावुक कर दिया और उपस्थित लोगों ने तालियों से कवि का उत्साहवर्धन किया। डॉ. ‘सावन’ ने कहा कि आधुनिक जीवन की व्यस्तता के बीच माता-पिता और बुजुर्गों के प्रति संवेदनशीलता, सम्मान एवं कृतज्ञता का भाव बनाए रखना आवश्यक है।
जीट ग्वालियर के निदेशक बन्नालाल मोरोडिया ने भी प्रेरणादायी पंक्तियां प्रस्तुत कीं—
“निश्चय किया हमने कि हम जो तय किया, वह करके रहेंगे।
तूफां कितने भी क्यों न आएँ सफर में, मंजिल पाकर रहेंगे।”
इन पंक्तियों पर भी शिक्षकों ने तालियों से उत्साहवर्धन किया।
कवयित्री सीमा, कवि राजेश एवं पारितोष सहित अन्य रचनाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से कवि सम्मेलन को साहित्यिक रंग दिया। वहीं वीरेंद्र कुमार के मनोहारी बांसुरी वादन ने उपस्थित लोगों को भाव-विभोर कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. सुनील ‘सावन’ ने जीट ग्वालियर के निदेशक को अपना काव्य संग्रह ‘हाय री! कुमुदिनी’ भेंट किया। शिक्षा, तकनीक और साहित्य के इस सुंदर संगम ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन उपेन्द्र सिंह तोमर ने किया। शिक्षकों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वृक्षारोपण भी किया। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से आए मित्रभूषण, मनीष, आनंद, पवन, अनिता, अनिका, मनोज, बैजनाथ, जगदीश, अनिल, बृजेंद्र, ओम प्रकाश सहित अनेक शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

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