झोलाछाप क्लीनिक पर छापा, लाइसेंस न मिलने पर नोटिस
अनिल गुप्ता
घुघली रिपोर्टर महराजगंज
जिले में झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार है। जगह-जगह झोलाछाप डॉक्टरों के क्लीनिक खुले हैं। हर गली मोहल्लों में झोलाछाप डॉक्टर के क्लीनिक मिल जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को दो स्थानों पर छापा डाला तो बगैर पंजीकरण के दो क्लीनिक चलते मिले। उनको नोटिस देकर जवाब-तलब किया गया है।
मंगलवार को नोडल अधिकारी, प्राइवेट हास्पिटल डाॅ. राजेश द्विवेदी व जिला समन्वयक आदित्य पांडेय ने दो अपंजीकृत केंद्रों का निरीक्षण किया। पतरेंगवां में निरीक्षण के दौरान मनोज कुमार अपंजीकृत रूप से क्लीनिक संचालित करते पाए गए। इस दौरान क्लीनिक को तत्काल बंदकर तीन दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में देने के लिए कहा गया। अन्यथा की दशा में सेंटर को सील करते हुए विधिक कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद टीम ने बेलभरिया चौराहा पर झोलाछाप क्लीनिक का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के समय मनीष कुमार गुप्ता भी अवैध रूप से क्लीनिक को संचालित करते पाए गए। उन्हें भी क्लीनिक को तत्काल बंदकर तीन दिवस के भीतर अपना स्पष्टीकरण मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में देने के लिए कहा गया। बताया जाता है कि झोलाछाप बिना कोई डिग्री लिए फर्जी डॉक्टर बनकर मरीजों को इलाज के नाम पर रकम ऐंठने व उनके जीवन से खिलवाड़ करते हैं। आए दिन ऐसे मामले प्रकाश में आते हैं कि मामूली बीमारी को भी ये लोग गंभीर बताकर सेटिंग वाले निजी अस्पतालों में भर्ती करवाकर मोटा कमीशन भी लेते हैं।