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महिला ग्राम प्रधान चन्द्रकला व सचिव के सांठगांठ से खुलेआम ग्राम भक्तुपुर में मनरेगा फर्जीवाड़ा

-महिला ग्राम प्रधान चन्द्रकला एवं रोजगार सेवक टीए जेई(तकनीकी सहायक)द्वारा जारी है जमकर लूट

-हीरालाल के खेत से, दीप सिंह के खेत से, व गुरुग्रंथ साहेब,तथा रामप्रकाश के खेत से,
मिट्टी कार्य में 150 मजदूरो की फर्जी हाजिरी

-धरातल पर काम करते नहीं मिले मजदूर केवल कागज़ों में दर्ज हो रहा श्रमिकों की आनलाइन अटेंडेंस

-ग्राम पंचायत भक्तूपर में चल रही मनरेगा योजना में मनमानी विकास खण्ड कुदरहा से जुड़ा मामला

बस्ती जनपद के बहुचर्चित ग्राम पंचायत भक्तूपुर में भ्रष्टाचार थमने का नाम नही ले रहा है ,विकास खण्ड कुदरहा अन्तर्गत ग्राम पंचायत भक्तूपुर में महिला ग्राम प्रधान चंद्रकला और रोजगार सेवक टीए जेई (तकनीकी सहायक ) की मनमानी से मनरेगा भ्रष्टाचार की खबरें समाचार पत्रों की सुर्खियां बन रही हैं।अपना काम बनता तो भाड़ में जाए जनता यह है महिला जनप्रतिनिधि एवं भक्तूपुर में तैनात जिम्मेदारों की असली हकीकत।मनरेगा योजना सरकार द्वारा गरीबों के रोजगार के लिए बनाई गई है, लेकिन ब्लॉक की मीटिंगों में कभी न जाने वाली महिला जनप्रतिनिधि के लिए ऐशो-आराम की योजना बनकर रह गई है।
प्राप्त समाचार के अनुसार – कुदरहा विकास खण्ड के अन्तर्गत स्थित ग्राम पंचायत भक्तूपुर में हीरालाल के खेत से, दीप सिंह के खेत से, व गुरुग्रंथ साहेब, तथा रामप्रकाश के खेत से मिट्टी कार्य में 150 मजदूरों की फर्जी हाजिरी दर्ज की गई है। जबकि धरातल पर काम करते नहीं मिले मजदूर, केवल कागजों में दर्ज किया जा रहा श्रमिकों की ऑनलाइन अटेंडेंस के सहारे मनरेगा में हेरा-फेरी चल रहा है। वही अपना भष्ट्राचार छुपाने के लिए सम्बन्धित कायों की साइड पर डिस्प्ले बोर्ड तक नहीं लगाया गया है लकिन प्रधान, रोजगार सेवक व सचिव सरकारी धन के बंदरबांट करने की तैयारी में लगे हैं, जबकि अभी तक संदर्भित साइड पर कोई कार्य नहीं हुआ है। मनरेगा योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार प्रदान करना और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार करना है। लेकिन ग्राम पंचायत भक्तूपुर में फर्जीवाड़े से पता चलता है महिला ग्राम प्रधान चन्द्रकला ब्लाक प्रशासन के जिम्मेदार की संम्लितता होने से योजना का लाभ उन लोगों को नहीं मिल रहा है जो वास्तव में इसके हकदार हैं।इससे स्पष्ट होता है कि महिला ग्राम प्रधान चन्द्रकला की प्राथमिकता भ्रष्टाचार है, न कि गरीबों के हित में है भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की और जिम्मेदारों को जवाबदेही साथ ही, गरीबों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए है अब देखना यह है कि जनपद में अपने आमद के समय से ही हनक बनाकर भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोल चुके मुख्य विकास अधिकारी द्वारा क्या कार्यवाही की जाती है।

 *ब्यूरो रिपोर्ट*

बलवन्त प्रसाद वर्मा
9919904463

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