ब्रेकिंग बस्ती……..
सिरौता के कोटेदार पर राशन की घटतौली को लेकर लग रहे हैं गंभीर और लगातार आरोप।

हर महीने ग्रामीणों को पूरा राशन नहीं मिल पा रहा, सरकारी सिस्टम पर उठने लगे हैं सवाल।
बुजुर्गों और महिलाओं को घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी मिल रहा है अधूरा अनाज।
गांव की जनता कई बार शिकायत कर चुकी है लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
कोटेदार की मनमानी से गरीब परिवारों के चूल्हे ठंडे पड़ते जा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार मौन हैं।
राशन की कालाबाजारी और कटौती को लेकर गांव में बढ़ता जा रहा है आक्रोश और गुस्सा।
शिकायतों के बावजूद प्रशासन की चुप्पी को लोग सत्ता संरक्षण से जोड़ कर देख रहे हैं।
कोटेदार के खिलाफ जांच केवल कागजों में सिमटी नजर आ रही है, जमीनी कार्रवाई शून्य।
गरीबों के अधिकार पर डाका डालने वाला कोटेदार खुलेआम घूम रहा है, कोई रोक नहीं।
सिस्टम की चुप्पी अब ग्रामीणों को सड़कों पर उतरने को मजबूर कर रही है।
कई महीनों से राशन वितरण में लगातार अनियमितता के सबूत सामने आ चुके हैं।
जनता के धैर्य की परीक्षा ले रहा प्रशासन, सवाल है – किसका बचाव कर रहे अफसर?
लोकतंत्र में गरीब की आवाज को क्यो