छात्र ऑनलाइन गेम में ठगी का हुआ शिकार
रामकोला थाना क्षेत्र के पिपराबर सीवान निवासी व पडरौना में रहकर पढ़ाई कर रहे बीएससी के छात्र आनंद कुशवाहा ऑनलाइन गेमिंग की जाल में फंसकर परेशानी में पड़ गया है। जुलाई महीने में उसने ब्राउजर पर थर्ड पार्टी गेमिंग वेबसाइट से खेलते हुए करीब 19 हजार रुपये जीते थे।शुरुआत में उसे जीत की रकम खाते में आने की उम्मीद थी, लेकिन हकीकत इसके उलट साबित हुई। जीत की पूरी धनराशि खाते में भी नहीं आई और ऊपर से 2.80 लाख रुपये के हेराफेरी में उसका खाता ब्लॉक हो गया। अब परेशान युवक पुलिस से मदद की गुहार लगा रहा है।
छात्र आनंद कुशवाहा ने बताया कि जब उसने अपनी जीत की राशि खाते में डेबिट करनी चाही तो तीन बार में उसके खाते में सिर्फ 1133 रुपये ही आये। बाकी रकम का कुछ पता ही नहीं चला। इसी बीच नामांकन के लिए उसने अपने पिता से 4500 रुपये मंगवाए, लेकिन तब तक उसका बैंक खाता ब्लॉक हो चुका था। खाते से किसी भी तरह का लेनदेन ठप हो गया। जब युवक ने इसके बारे में बैंक पहुंचकर जानकारी हासिल करनी चाही तो पता चला कि 2.80 लाख रुपये की साइबर ठगी के आरोप में उसका बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया है। बताया गया कि हैदराबाद निवासी एक व्यक्ति ने साइबर ठगी का उसके खाते पर केस दर्ज कराया है, जिसमें आनंद का बैंक खाता संदिग्ध पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई है। इस कारण वह गेम से जीती रकम तो खो ही बैठा, साथ ही पिता से मिले पैसे भी नहीं निकाल पा रहा है। आनंद का कहना है कि उसने कभी भी किसी प्रकार की ठगी या गलत लेनदेन नहीं किया है। वह ऑनलाइन गेमिंग साइट के झांसे में आकर फंस गया और उसका खाता ब्लॉक हो गया। मंगलवार को आनंद शिकायती पत्र लेकर एसपी कार्यालय पहुंचा, लेकिन एसपी से उसकी मुलाकात नहीं हो सकी। वहीं, साइबर एक्सपर्ट की मानें तो ऐसे मामलों में अक्सर थर्ड पार्टी गेमिंग वेबसाइट के जरिये खाता धारकों को ठगी के जाल में फंसाया जाता है। जब किसी बड़े साइबर अपराध की शिकायत दर्ज होती है तो जांच एजेंसियां संदिग्ध खातों पर तत्काल रोक लगा देती हैं। इसी के तहत आनंद का खाता भी फ्रीज किया गया होगा। हालांकि, यह अब पुलिस जांच का विषय है। ——– मोबाइल बैंकिंग के स्टेटमेंट में भी 2.80 लाख का जिक्र नहीं : आनंद का कहना है कि इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में उसका खाता है और वह मोबाइल बैंकिंग भी चलाता है। बैंक से निकाले स्टेटमेंट में भी हेराफेरी का जो आरोप उसके खाते पर लगा है, वह स्पष्ट नहीं हो रहा है। जबकि मोबाइल बैंकिंग के स्टेटमेंट में भी 2.80 लाख का जिक्र नहीं है। ऐसे में उसे यह नहीं समझ आ रहा कि जब उसके खाते से गलत लेनदेन नहीं हुआ तो फिर खाता कैसे ब्लॉक हो गया। परेशान युवक पुलिस से प्रकरण की जांच किए जाने की मांग कर रहा है। ——–
थर्ड पार्टी ब्राउजर पर ऑनलाइन गेम खेलना जोखिम भरा होता है। ब्राउजर पर कुछ गेमिंग प्रोग्राम में अवैध तरीके से अर्जित रुपये को लगाया जाता है और अगर किसी ने उस रकम को जीत लिया तो उसके खाते पर गेम खेलाने वाले शातिर साइबर धोखाधड़ी का केस दर्ज करा देते हैं। इससे बैंक खाता होल्ड हो जाता है। फिलहाल यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं था। शिकायतकर्ता को बुलाया गया है। उससे प्रकरण की जानकारी लेने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।