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प्रयागराज

सुशील कुमार मदेशिया

मथुरा शाही ईदगाह और कृष्ण जन्मभूमि विवाद से जुड़ी याचिका पर आज हाईकोर्ट सुनाएगी फैसला,

हाईकोर्ट ने बहस पूरी होने के बाद फैसला किया था सुरक्षित,

दोपहर 12:00 बजे अदालत के फैसला सुनाए जाने की है उम्मीद,

शाही मस्जिद ईदगाह ट्रस्ट की प्रबंध समिति, उ प्र सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड मथुरा व भगवान श्रीकृष्ण विराजमान की तरफ से बहस पूरी होने के बाद फैसला किया था रिजर्व,

याचिका में 20 जुलाई 1973 के फैसले को रद्द करने और 13.37 एकड कटरा केशव देव की जमीन को श्रीकृष्ण विराजमान के नाम घोषित किए जाने की मांग की गई है,

मथुरा अदालत में चल रहे मुकदमे की सुनवाई पर पहले ही रोक लगी है,

शाही मस्जिद ईदगाह ट्रस्ट व अन्य की ओर से दाखिल की गई है याचिका,

भगवान श्रीकृष्ण विराजमान की तरफ से सिविल जज की अदालत में सिविल वाद दायर किया गया है,

वादी का कहना था कि जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच हुए समझौते के आधार पर1973 में दिया गया फैसला वादी पर लागू नहीं होगा,

क्योंकि वह मामले में पक्षकार नहीं था,

सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की आपत्ति की सुनवाई करते हुए अदालत ने 30 सितंबर 20 को सिविल वाद खारिज कर दिया,

जिसके खिलाफ भगवान श्रीकृष्ण विराजमान की तरफ से अपील दाखिल की गई,

विपक्षी ने अपील की पोषणीयता पर आपत्ति की थी,

जिला जज मथुरा की अदालत ने अर्जी मंजूर करते हुए अपील को पुनरीक्षण अर्जी में तब्दील कर दी,

पुनरीक्षण अर्जी पर पांच प्रश्न तय किए गए,

19 मई 22 को जिला जज की अदालत ने सिविल जज के वाद खारिज करने के आदेश 30सितंबर 20 को रद्द कर दिया,

कोर्ट ने अधीनस्थ अदालत को दोनों पक्षों को सुनकर नियमानुसार आदेश पारित करने का निर्देश दिया है,

जिसकी वैधता को इन याचिकाओं में चुनौती दी गई है,

याची के वरिष्ठ अधिवक्ता एस एफ ए नकवी का कहना है कि प्लेसेस आप वर्शिप एक्ट 1991के तहत विवाद को लेकर सिविल वाद पोषणीय नहीं है,

इस कानून में सभी पूजा स्थलों की 15 अगस्त 1947 की स्थिति में बदलाव पर रोक लगी है,

उन्होंने रामजन्म भूमि विवाद केस के फैसले का भी हवाला दिया,

जस्टिस प्रकाश पाडिया की सिंगल बेंच सुनाएगी फैसला।

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