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आई फ्लू:-बरसात के मौसम में बैक्टीरिया सक्रिय हो जातें हैं तथा विभिन्न माध्यमों से हाथ में वायरस चिपक जातें हैं

और जब आप अपनी संक्रमित हाथों से आंखों को छुएंगे या कीचड़ साफ करेंगे तो आई फ्लू फैल जाता है। डॉक्टर का कहना है कि इस बार देखा जा रहा है कि बच्चों में आई फ्लू ज्यादा फैल रहा है। क्योंकि स्कूल में बच्चे एक साथ में रहते हैं, साथ में खेलतें हैं, लंच भी साथ में करते हैं। ऐसे में समान्यतः आई फ्लू बच्चों में ज्यादा फैलने की सम्भावना बढ़ जाती है।

इन दिनों बरसात के मौसम में आई फ्लू का कहर तेजी से फैल रहा है। जिससे बच्चे ज्यादा संक्रमित हो रहे हैं। आई फ्लू होने पर आंखें लाल हो जाती हैं तथा जलन और खुजली भी होती है।इसके प्रभाव से बच्चों को बुखार भी आ रहा है। स्कूलों में पढ़ने वाले छोटे बच्चों को तेजी से आई फ्लू नामक बीमारी अपने आगोश में ले रही है। चिकित्सकों का कहना है कि बरसात ना होने और तेज धूप के कारण आई फ्लू नामक बीमारी फैल रही है। यह मौसमी बीमारी है।

यह बीमारी अमूमन तीन-चार दिन तक अपना असर दिखाती है।आई फ्लू होने पर ठंडे पानी से आंखों को धोएं। बर्फ की सिंकाई करें और एंटीबायोटिक आई ड्रॉप डालते रहें। बहुत आवश्यक हो तभी घरों से बाहर निकलें। धूप से बचाव ही आई फ्लू से बचाव है। आवश्यकता पड़ने पर डाक्टर(नेत्ररोग विशेषज्ञ) से एक बार सलाह जरूर लें, और सभी दवाइयाँ डाक्टर के परामर्श से ही लें।

बच्चों में तेजी से फैल रहे संक्रमण के कारण स्कूलों में उपस्थिति कम हो गई है। बाजार में धूपी चश्मे की डिमांड अचानक बढ़ गई है। आई फ्लू होने पर बच्चों को घर पर रहने की सलाह दी जाती है। ताकि किसी अन्य बच्चों को यह संक्रमण ना फैले।

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