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कप्तानगंज तहसील में बड़ा खेल! तहसीलदार पर विवादित जमीन में पक्षपात कर मां के नाम बैनामा कराने का आरोप, जांच शुरू

कुशीनगर। जनपद के कप्तानगंज तहसील में तैनात तहसीलदार चंदन शर्मा एक बार फिर गंभीर आरोपों के चलते सुर्खियों में हैं। इस बार मामला इतना संवेदनशील और चर्चित है कि इससे राजस्व विभाग की निष्पक्षता और कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। तहसीलदार पर आरोप है कि उन्होंने करोड़ों रुपये कीमत की विवादित जमीन के मुकदमे में अपने पद और अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित किया और बदले में उसी विवादित भूमि का हिस्सा अपनी मां श्रीमती निर्मला शर्मा के नाम बैनामा करा लिया।
जानकारी के अनुसार संबंधित भूमि को लेकर वर्षों से विवाद चल रहा था और मामला राजस्व न्यायालय में विचाराधीन था। आरोप है कि तहसीलदार चंदन शर्मा ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं को दरकिनार करते हुए मामले में एकपक्षीय फैसला सुनाया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जिस अधिकारी पर निष्पक्ष न्याय देने की जिम्मेदारी थी, वही खुद विवादित संपत्ति का लाभार्थी बन गया।
मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह बताई जा रही है कि विवादित भूमि का बैनामा होने के महज 15 दिनों के भीतर नामांतरण आदेश भी पारित कर दिया गया। जबकि सामान्य परिस्थितियों में ऐसे मामलों में लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया, जांच और सत्यापन किया जाता है। इतनी तेजी से नामांतरण होने से पूरे मामले पर संदेह और गहरा गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पूरा घटनाक्रम पहले से तय योजना के तहत अंजाम दिया गया।

तहसील परिसर से लेकर गांवों तक इस मामले की चर्चा जोरों पर है। आम लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह केवल भ्रष्टाचार का मामला नहीं, बल्कि सरकारी कुर्सी के खुले दुरुपयोग और न्यायिक प्रक्रिया की हत्या है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या अब कप्तानगंज तहसील में फैसले कानून और साक्ष्यों के आधार पर नहीं, बल्कि जमीन के सौदे के हिसाब से होंगे?
मामले को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। शिकायतकर्ताओं ने मुख्यमंत्री, राजस्व परिषद और अन्य उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेजकर तहसीलदार चंदन शर्मा के खिलाफ कठोर कार्रवाई और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। आरोप है कि पूरे प्रकरण में सत्ता और पद का इस्तेमाल कर नियमों को ताक पर रखा गया।
हालांकि जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि कप्तानगंज तहसील में कुछ जमीनों की खरीद-फरोख्त में स्थानीय तहसीलदार की भूमिका की बात सामने आई है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए एसडीएम हाटा को जांच अधिकारी नामित किया गया है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं

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