“ये सड़क है या सत्ता की बेरुखी का जिंदा सबूत?”
दीनदयाल पाण्डेय
मंडल क्राइम ब्यूरो
गोरखपुर

कुशीनगर, विकास खंड खड्डा की ग्राम सभा ऊधोछपरा में कब्रिस्तान से होकर मदरसा तक जाने वाला यह रास्ता किसी गांव की सड़क कम, सरकारी लापरवाही का खुला तमाचा ज्यादा लगता है।
ना खड़ंजा…ना इंटरलॉकिंग…ना मिट्टी भराई…
ऐसा प्रतीत होता है जैसे वर्षों से इस रास्ते को विकास की सूची से जानबूझकर बाहर रखा गया हो। बिना बरसात कीचड़, हर मौसम में परेशानी — यही यहां के लोगों की किस्मत बना दी गई है।
सबसे शर्मनाक बात यह है कि इसी रास्ते से नन्हे-मुन्ने बच्चे रोज मदरसा जाने को मजबूर हैं। जिन हाथों में किताबें होनी चाहिए, वो कीचड़ और गड्ढों से जंग लड़ रहे हैं।
“जिन नन्हे कदमों को शिक्षा की राह पर बढ़ना चाहिए, वे रोज कीचड़ और बदहाल रास्तों से जूझने को मजबूर हैं।”
सवाल ये है कि आखिर ग्राम पंचायत, ब्लॉक प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की नजर इस बदहाली पर कब पड़ेगी?
या फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार हो रहा है?
कागजों में विकास के दावे करने वालों को एक बार इस रास्ते से गुजरना चाहिए, ताकि समझ आए कि गांव की जनता “विकास” नहीं, सिर्फ उपेक्षा झेल रही है।
ऊधोछपरा की जनता जवाब मांग रही है —
आखिर इस रास्ते का गुनहगार कौन है?