आम जन समस्याओं के खिलाफ एस.यू.सी.आई (सी) ने कलेक्ट्रेट परिसर में जुलूस व धरना-प्रदर्शन किया आयोजित
संवाददाता अंकित दूबे


जौनपुर।बेतहाशा बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, अपराध, सरकारी क्षेत्रों के निजीकरण, पेपर लीक, सरकारी स्कूलों को बंद करने तथा जनवादी अधिकारों पर बढ़ते हमले सहित अन्य जन समस्याओं के खिलाफ एस.यू.सी.आई (सी) पार्टी ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर, जौनपुर में जोरदार धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। कार्यक्रम में सैकड़ों लोग शामिल हुए। इस दौरान माननीय प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को सम्बोधित 10 सूत्री मांग पत्रक जिलाधिकारी को सौंपा गया।
वक्ताओं ने कहा कि, जहां एक तरफ नौकरी व रोजगार के अवसर कम होते जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ हमारे जिंदा रहने के लिए जरूरी वस्तुओं एवं सेवाओं के मूल्यों में लगातार वृद्धि होती जा रही है। भाजपा की डबल इंजन की सरकारों द्वारा जो नीतियां या कानून बनाए गए हैं उनका असर समाज में एक ओर शासक वर्ग के लगातार अमीर से और अधिक अमीर होते जाने एवं दूसरी ओर मेहनतकश वर्ग के गरीब से और अधिक गरीब होते जाने में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। विश्व असमानता रिपोर्ट 2026 के अनुसार देश के सबसे अमीर 1% लोगों के पास देश की 40% से अधिक संपत्ति इकट्ठा हो चुकी है, जबकि नीचे की 50% आबादी सिर्फ 6% सम्पदा पर निर्भर है। इस तरह मेहनतकश जनता रोजाना की जरूरत की चीजों के लिए तरस रही है।
सरकार की नीतियों का विनाशकारी प्रभाव छात्रों, महिलाओं, किसानों, सरकारी एवं निजी क्षेत्र में कार्यरत मजदूरों-कर्मचारियों, दिहाड़ी मजदूरों, छोटा-मोटा धंधा-व्यापार करने वालों, रिक्शा-ऑटो-टेम्पो चलाने वालों सभी पर पड़ रहा है। देशी-विदेशी बड़ी एवं एकाधिकार पूंजी को बढ़ावा देने की सरकार की नीति ने रोजगार देने वाले देश के सरकारी क्षेत्र, मध्य एवं लघु उद्योगों को विनाश की कगार पर पहुंचा दिया है। डबल इंजन सरकार की शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, श्रम, व्यापार, रोजगार आदि नीतियों का असर हम सभी स्पष्ट रूप से देख रहे हैं। छात्र, नौजवान, महिलाएं, किसान, व्यापारी, स्वरोजगार में लगे लोग सभी परेशान हैं और निराशा में आत्महत्या करने को विवश हो रहे हैं।
सरकार पूंजीपतियों के स्वार्थ में जन विरोधी नीतियों को लागू कर रही है। परिणामस्वरूप जन समस्यायें लगातार बढ़ती जा रही है। प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। हिंसा, भ्रष्टाचार, चोरी, डकैती, हत्याओं को रोकने में प्रदेश सरकार पूरी तरह असफल रही है।
उत्तर प्रदेश के अंदर 27000 सरकारी स्कूलों को बंद करने के सरकारी फैसले ने गरीब बच्चों को शिक्षा से वंचित कर दिया है और निजीकरण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। निजी संस्थानों की लूट जग जाहिर है जिससे गरीब व मध्यम वर्ग के बच्चों व अभिभावकों को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए अब सिर्फ जन आंदोलन ही बचने का एकमात्र रास्ता है, जिसके लिए एसयूसीआई (सी) लगातार संघर्ष कर रही है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता – श्रीपति सिंह व संचालन – दिलीप कुमार खरवार ने किया। कार्यक्रम को राज्य सचिव- रविशंकर मौर्य, जिला सचिव- अशोक कुमार खरवार, प्रवीण शुक्ल, प्रमोद कुमार शुक्ला,इंदु कुमार शुक्ला सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।