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गिरफ्तार हो सकते है स्वामी प्रसाद मौर्य और संघमित्रा, कोर्ट ने जारी किया गैर-जमानती वारंट

संघमित्रा पर बिना तलाक शादी करने का आरोप; 2019 में खुद को बताया अविवाहित
संवादाता कृष्णा जायसवाल सपहा

कुशीनगर। दल-बदल मे माहिर और अपने बेतूके विवादित बयानों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य की मुश्किलें इन दिनों बढ़ गयी हैं। सबब यह है कि एमपी एमएल कोर्ट ने स्वामी प्रसाद मौर्य और उनकी बेटी संघमित्रा मौर्य के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट ने कहा कि तीन बार समन और दो बार बीडब्ल्यू के बावजूद मार्य परिवार कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ। इसकी वजह से उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया जा रहा है।

क्या है मामला
मामला संघमित्रा मौर्य से जुड़ा है। लखनऊ के रहने वाले दीपक कुमार स्वर्णकार ने संघमित्रा को अपनी पत्नी बताया है और दावा किया है कि संघमित्रा से उनकी शादी वर्ष 2019 में हुई थी। दीपक ने कोर्ट में अपनी शादी के सबूत भी पेश किए हैं। ऐसे में एमपी-एमएलए कोर्ट ने स्वामी प्रसाद मौर्य और संघमित्रा समेत 5 लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किया था। लेकिन संमन और दो बीडब्ल्यू के बावजूद वह कोर्ट में हाजिर नही हुए।

दीपक ने लगाया ये आरोप

दीपक स्वर्णकार ने स्वामी प्रसाद मौर्य और संघमित्रा समेत 6 लोगों के खिलाफ मारपीट, धोखाधड़ी और धमकी देने का भी आरोप लगाया है। इसके लिए दीपक ने 6 जनवरी 2024 में कोर्ट के सामने अर्जी थी। दीपक का आरोप है कि शादी के पहले दोनों लिव-इन में भी रह रहे थे। हालांकि, जब संघमित्रा सांसद बन गई तो व। मुकर गयी। इसके बाद दीपक पर हमले भी कराए गए। दीपक का आरोप है कि चुनाव आयोग के सामने संघमित्रा ने जो हलफनामा दायर किया है, उसमें उसने खुद को अविवाहित बताया है, जो बिल्कुल गलत है।
स्वामी प्रसाद मौर्य अकेले चुनावी मैदान में कूदे
इसके साथ ही ये भी बता दें कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और पूर्व समाजवादी पार्टी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य अकेले ही चुनावी मैदान में कूद गए हैं। राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य के पिछले दिनों समाजवादी पार्टी में वापसी की चर्चाएं थीं। उसके अलावा वो खुद भी विपक्ष के आईएनडीआई गठबंधन से जुड़ने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि अब स्वामी प्रसाद मौर्य अपनी नई नवेली पार्टी के साथ अकेले चुनाव मैदान मे ताल ठोकने का ऐलान कर चुके हैं।

2014 में देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी के मामले मे भी जारी हुआ था वारंट

पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ वर्ष 2022 मे सुल्तानपुर जिले से एक गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था. यह वारंट सात साल पुराने वर्ष 2014 के मामले में स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ जारी हुआ था। साल 2014 में स्वामी ने देवी देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी किया था। इस पर अपर मुख्य दंडाधिकारी एमपी-एमएलए ने आरोपित पूर्व श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ पूर्ववत जारी गिरफ्तारी वारंट को जारी करने का आदेश दिया था। बता दें कि साल 2014 में बसपा महासचिव रहने के दौरान लखनऊ की एक जनसभा में स्वामी प्रसाद मौर्या ने देवी देवताओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी, जिस पर जमकर हंगामा हुआ था. इसको लेकर सुल्तानपुर जिले के परिवादी अनिल कुमार तिवारी ने अदालत में उनके खिलाफ परिवाद दायर कर दिया था।

स्वामी का विवादों से है पुराना नाता
स्वामी प्रसाद मौर्य हमेशा विवादित बयानों के वजह से चर्चा मे रहे है। वह रामचरित मानस और हिन्दू देवी-देवताओं के खिलाफ घटिया टिप्पणी कर पहले भी कई बार अपनी धू-धू करा चुके है। उनके विवादित बयान हर बार सनातन धर्म के मानने वाले लोगो को आघात पहुंचाता रहा है। वह बीते दिनो जब सपा मे थे उस समय माता लक्ष्मी पर विवादित बयान देते हुए कहा था कि दुनिया में कहीं भी चार हाथ वाले बच्चे पैदा नहीं होते तो माता लक्ष्मी कैसे हो गईं? इससे पहले उन्होंने हरदोई में कहा था कि जिसको तुम हिंदू राष्ट्र बोलते हो वह भारत राष्ट्र है। यह भारत कभी भी न हिंदू राष्ट्र था, न है और न रहेगा इसलिए हिंदू राष्ट्र की मांग करने वाले देशविरोधी हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य यह भी कह चुके है कि रामचरितमानस में दलितों और महिलाओं का अपमान किया गया। तुलसीदास ने ग्रंथ को अपनी खुशी के लिए लिखा था। करोड़ों लोग इसे नहीं पढ़ते। इस ग्रंथ को बकवास बताते हुए स्वामी ने कहा था कि सरकार को इस पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए। इतना ही नही स्वामी प्रसाद मौर्य शादियों में गौरी-गणेश की पूजा न करने की बात भी कह चुके हैं। उन्होंने कहा था कि यह व्यवस्था दलितों और पिछड़ों को गुमराह करने और उन्हें गुलाम बनाए रखने के लिए बनाई गई है।

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