पराली जलाएं नही पराली बिछाएं, साथ ही अच्छी आमदनी कमाएं…
शहाबुद्दीन अली
ब्यूरो कुशीनगर

एक महत्वपूर्ण विषय… उत्तर-प्रदेश, हरियाणा, पंजाब के किसान अवश्य पढ़ें और इसे अन्य लोगों तक पहुचाएं
तस्वीर में आप लहसुन का ये खेती देख रहे हैं एक समय एक साथ एक ही जगह बुबाई की गई है. लेकिन फर्क सिर्फ इतना है कि एक मे फसल अवशेष (पराली) को जलाने की जगह उसे बिछाया गया है क्योंकि पराली को जलाने से भूमि में पाये जाने वाले माइक्रोब्स खत्म हो जाते और बंजर होने के चांस बढ़ जाते है_
यदि आप पराली को जलाने की जगह बिछा देते हैं तो आपकी मिट्टी में जैविक कार्बन की मात्रा बढ़ती है. पोषक तत्व* बढ़ते है, खर-पतवार नही उगते, नमी भी संरक्षित होती है._
दूसरी तरफ यदि आप पराली जलाते हैं तो खेत की उर्वरा शक्ति भी घट जाती है और प्रदूषण एक गंभीर समस्या तो बढ़ती ही जा रही.
आप दोनों खेतों में अंतर साफ देख सकते हैं इसलिए आपसे आग्रह है कि खेती का *यह तरीका अवश्य अपनाएं