नेशनल सेक्युलर संघ(NSS) का गठन या स्थापना 30 जनवरी 2025 को ऐतिहासिक आजाद पार्क प्रयागराज में किया जा सकता है–
सुनील कुमार शुक्ल*कुशीनगर लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद प्रत्याशी-2024 और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के विद्वान अधिवक्ता सुनील कुमार शुक्ल ने आज मकर संक्रांति के अवसर पर समस्त देशवासियों को बधाई देते हुए प्रयागराज में एक नए सूर्य उदय का ऐलान किया है श्री शुक्ल ने एक संवाददाता के प्रश्न के जवाब में बताया है कि आने वाले 30 जनवरी 2025 को भारत में एक नए सूर्य का उदय होगा जो भारत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचने का कार्य करेगा भारत के समस्त युवाओं में एक जोश पैदा करेगा नई एनर्जी पैदा करेगा और भारत को एकता के सूत्र में भी बाधने का कार्य करेगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय श्री योगी आदित्यनाथ जी का कहना है की बटोगे तो काटोगे एक रहेंगे तो नेक रहेंगे इस बात को आगे बढ़ते हुए श्री शुक्ल ने कहा कि हम इस सोच को व्यापक पैमाने पर ले जाएंगे और वास्तव में हम हिंदू–मुस्लिम आपस में बटेंगे तो कटेंगे और एक रहेंगे तो नेक रहेंगे और यह भारत हिंदू-मुस्लिम-सिख-इसाई आपस में हम भाई-भाई नारा देते हुए महात्मा गांधी का नारा अल्लाह ईश्वर तेरो नाम सबको सनमत दे भगवान के सिद्धांत को आगे बढ़ते हुए एक ऐसी संस्था का गठन किया जाएगा जो सभी धर्म के बच्चों को युवाओं को वृद्धो को राष्ट्रीय भावना के बारे में सोचने के लिए एक मंच प्रदान करेगा और उसका शाखा भी लगेगा उससे जो परिपक्व युवा निखर कर सामने आएंगे उनके लिए एक नई राजनीतिक पार्टी बनाकर राजनीतिक मंच भी प्रदान किया जाएगा जिससे भारत में एक स्वस्थ राजनीतिक परंपरा का प्रारंभ हो सके क्योंकि श्री शुक्ला जी का मानना है की राजनीति इसलिए नहीं गंदी हुई है की राजनीति में गंदे लोग हैं राजनीति इसलिए गंदी हुई है क्योंकि राजनीति में अच्छे लोग आना नहीं चाहते हैं। जब पत्रकारों ने पूछा की क्या आप RSS की तर्ज पर NSS को बनाना चाहते हैं तो श्री शुक्ल ने इस बात को संकेत दिया की निश्चित रूप से RSS एक अच्छी संस्था है राष्ट्रीय स्तर की संस्था है.
RSS की विचारधारा पर कोई मै उंगली नहीं उठा रहा हूं. RSS इस देश के लिए मर-मिटने के लिए तैयार है और अच्छा कार्य कर रहा है. लेकिन RSS पूर्णता नहीं दे पा रहा है! और हम लोग जिस संस्था का गठन करने जा रहे हैं-NSS वह पूर्णता देने में समर्थ होगा ऐसा हम लोग विश्वास रखते हैं। क्योंकि NSS संस्था में किसी धार्मिक चिन्ह के आगे हम लोग सर नहीं झुकाएंगे. हम लोग केवल व केवल तिरंगे के आगे सर झुकाएंगे और सम्मान देंगे और तिरंगा को ही अपना प्रेरणा का स्रोत मानकर अपने विचारों को रखकर नया भारत, समृद्ध भारत और ऊर्जावान भारत बनायेंगे। इस देश को एक ऐसा युवा फौज दिया जाए जिसमें सभी धर्म और सभी जाति के लोग शामिल हो और केवल और केवल राष्ट्र के बारे में सोचें देश के बारे में सोचें। जिससे वास्तव में भारत २१वीं सदी में विश्व गुरु बन जाए।
