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गरीब महिला की झोपड़ी पर नगर निगम का चला बुलडोजर, आग लगते ही सब कुछ हुआ खाक।

कानपुर, विशेष संवाददाता। थाना बाबूपुरवा क्षेत्र के किदवई नगर चौराहे से सटी चालीस दुकान के पास नगर निगम ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते हुए एक गरीब महिला बिट्टूल की झोपड़ी को तोड़ दिया। झोपड़ी गिरते ही उसमें आग लग गई, जिससे महिला की पूरी गृहस्थी जलकर राख हो गई। आग इतनी भीषण थी कि दो बड़े गैस सिलेंडर ब्लास्ट हो गए, जिससे आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। बिट्टूल का कहना है कि उसने वर्षों की मेहनत से जो थोड़े-बहुत पैसे जमा किए थे, वे भी आग में स्वाहा हो गए। आग लगते ही मौके पर मौजूद नगर निगम और पुलिस के अधिकारी वहां से भाग निकले, किसी ने आग बुझाने की कोशिश तक नहीं की। बिट्टूल अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ मदद की गुहार लगाती रही, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जब सब कुछ जलकर राख हो गया और मामला गरमाने लगा, तब प्रशासन ने भारी पुलिस बल मौके पर भेज दिया। बिट्टूल का आरोप है कि यह पहली बार नहीं है जब उसके साथ ऐसा हुआ हो। उसने बताया कि कई साल पहले मंदिर के पुजारी ने भी उसकी झोपड़ी में आग लगा दी थी, लेकिन तब भी प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब एक बार फिर उसकी पूरी गृहस्थी उजाड़ दी गई, जिससे वह अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ सड़क पर आ गई। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि प्रशासन सिर्फ गरीबों पर ही सख्ती दिखाता है, जबकि बड़े और रसूखदार अतिक्रमणकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। बिना किसी वैधानिक नोटिस के गरीब महिला की झोपड़ी गिराने और आग में सब कुछ जल जाने पर भी प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। पीड़िता न्याय की गुहार लगा रही है, लेकिन अब तक कोई मदद नहीं मिली है। सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन का बुलडोजर सिर्फ गरीबों की झोपड़ियों पर ही चलेगा, जबकि रसूखदारों के अवैध निर्माण को अनदेखा किया जाता रहेगा?

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