शिवराज की किसान हितेषी सरकार पैसे दो तो पहले हो जाती है तुलाई, किसान ने किया विरोध तो बुरी तरह पीटा
मध्य प्रदेश प्रभारी आशीष सिंह रजक
मो,7987820118

अफसोस की बात है कि मंडियों में हमारे अन्नदाता यानी किसान को पीटा जाता है, लूटा जाता है। जब किसान अपनी फसल बेचने मंडी जाता है तो कर्मचारियों, व्यापारियों के अत्याचार और शोषण का शिकार होता है, भ्रष्टाचार का शिकार होता है यही कारण है कि इस देश में अन्नदाता होने के बाद भी वो खुद मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। पढ़िए अन्नदाता की ये दुख भरी दास्ता उन्होंने मेरे भाई को डंडे से पीटा, क्योंकि हम गरीब किसान हैं इसलिए मैं, कुछ नहीं कर पाया कलेक्टर को आवेदन दिया, एसपी को आवेदन दिया, थाने में आवेदन दिया, लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। कितने वाले और अन्नदाता को केवल अपना वोट बैंक मानने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले में किसान को मंडी में बुरी तरह पीटा गया। दरअसल यह किसान रिश्वतखोरी का विरोध कर रहा था क्योंकि यहां फसलें पैसे देकर पहले तौली जाती हैं, जो पैसा नहीं देता है उसकी फसल पड़ी रहती है। और जो पैसा देता है उसकी फसल पहले तोल दी जाती है। सीहोर के बड़नगर निवासी किसान सुनील | परमार करीब 30 क्विंटल गेहूं बेचने सीहोर मंडी आए थे, उनकी फसल तुलाई का नंबर आया तो किसी और किसान की फसल व्यापारी तोलने लगा। इसी बात को लेकर विवाद हुआ और हम्मालो ने व्यापारी के कहने पर उस किसान को बुरी तरह पीटा, उसके सिर में चोट आई हैं और पुलिस ने अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई इस व्यापारी के खिलाफ नहीं की। इससे पहले बुधनी विधानसभा के बकतरा, डोबी, शाहगंज, नसरुल्लागंज और रेहटी में भी किसानों के साथ मारपीट और धांधली की घटनाएं हो चुकी है। जब मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र, मुख्यमंत्री के जिले की मंडियों में किसानों | के साथ सरेआम मारपीट की घटनाएं हो रही हैं उनके साथ धोखाधड़ी हो रही है तो फिर सवाल पैदा होता है कि सार्वजनिक मंचों से शिवराज किस मुंह से किसान हितेषी होने का दम भरते हैं?