Uncategorized

लापरवाही बनी जानलेवा, प्रसव के दौरान महिला की मौत पर फूटा आक्रोश

कप्तानगंज सीएचसी में परिजनों ने चार घंटे तक हंगामा कर किया हाईवे जाम

स्टाफ नर्स पर रुपये मांगने और इलाज में लापरवाही का आरोप

पुलिस समझाती रही, लेकिन परिजन नहीं माने

शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया

संवाददाता दिवाकर द्विवेदी
घुघली समाचार

कप्तानगंज, कुशीनगर। कप्तानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में बुधवार को प्रसव के दौरान 27 वर्षीय प्रसूता की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने स्टाफ नर्स पर इलाज में लापरवाही बरतने और रुपये मांगने का गंभीर आरोप लगाया। नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और करीब चार घंटे तक हाईवे पर जाम लगाकर विरोध-प्रदर्शन किया।

भर्ती के नाम पर रुपये मांगने का आरोप

रामकोला क्षेत्र के दिगुलिया मनिया छपरा गांव के भरपटिया टोला निवासी गामा राजभर अपनी गर्भवती पत्नी अंजू देवी को बुधवार सुबह करीब आठ बजे प्रसव के लिए कप्तानगंज सीएचसी लेकर पहुंचे थे। पति का आरोप है कि भर्ती करने के नाम पर स्टाफ नर्स ने रुपये की मांग की। रुपये देने के बाद महिला को इंजेक्शन लगाया गया, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। दोपहर करीब 12 बजे महिला की मौत हो गई।

महिला की मौत की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया और बाद में कप्तानगंज-पडरौना हाईवे पर जाम लगाकर विरोध जताया।

एंबुलेंस रोकने पर पुलिस से हुई नोकझोंक

दोपहर बाद जब शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की गई तो आक्रोशित लोगों ने एंबुलेंस को रोक दिया। इस दौरान पुलिस और परिजनों के बीच धक्का-मुक्की और नोकझोंक की स्थिति भी बनी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने काफी समझाने का प्रयास किया। बाद में पुलिस ने काफ़ी मशक्कत के बाद जाम हटवाया।

हंगामे के दौरान अस्पताल परिसर में कुछ खिड़कियों के शीशे टूटने की बात भी सामने आई।

अत्यधिक रक्तस्राव से बिगड़ी हालत

डिप्टी सीएमओ डॉ. आरडी कुशवाहा के अनुसार महिला को प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि महिला की हालत अत्यधिक रक्तस्राव के कारण बिगड़ी। मामले की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दो बच्चों की परवरिश की चिंता

पत्नी की मौत के बाद पति गामा राजभर का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के अनुसार मृतका के दो छोटे बच्चे हैं। परिवार में कमाने वाले पति के सामने अब बच्चों की परवरिश की बड़ी जिम्मेदारी आ गई है।

पूर्व विधायक ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

पूर्व विधायक रामानंद बौद्ध ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि गरीब और असहाय लोगों को समय पर उचित इलाज मिलना चाहिए। उन्होंने घटना की उच्चस्तरीय जांच और दोषी स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही न हो।

Related Articles

Back to top button