पकड़े गए 17 अभियुक्त में से सिर्फ 5 को जेल भेजती पुलिस कुशीनगर पुलिस के कारनामें देखकर हैरत में पड़े लोग रिश्वत की डिमांड करने वाले चौकी प्रभारी बने शक्तिमान।
कुशीनगर की पुलिस इस समय चर्चा में हैं अपने कारनामें की वजह से खबरों की सुर्खियां बनने के बाद कसया थाना की पुलिस और कुशीनगर चौकी प्रभारी विवेक पांडे अक्सर बेगुनाह लोगों को फर्जी मुकदमे दर्ज कर जेल भेजने और निर्दोष लोगों दोषी साबित कर अपनी पीठ थपथपा रही है। दरअसल लूट और चोरी के प्रकरण में कसया थाना में कल आरोपी बनाए गए युवकों के परिजनों ने पुलिस प्रशासन के कार्य प्रणाली पर सवाल उठाते हुए मिडिया के माध्यम से बताया कि जो मामले में पुलिस पांच लोगों को आरोपी बनाया है उसमे कुल 17 लोगों को हिरासत लिया गया था लेकिन पुलिस वाले पचास पचास हजार रूपए लेकर 12लोगों को छोड़ दिया और बाकी बेगुनाह पांच लोगों को आरोपी बनाकर जेल भेज दिया आपको बता दें कि कुशीनगर चौकी प्रभारी के खिलाफ देह व्यापार को लेकर भी ग्रामीण महिलाओं ने रेस्टोरेंट और होटल संचालको के खिलाफ मोर्चा खोला था उस मामले में भी निर्दोष ग्रामीण महिलाओं और लोगों को ऊपर मुकदमा दर्ज करने वाले चौकी प्रभारी विवेक पांडे को योगी सरकार में एक मंत्री ने फोन कर देह व्यापार में लिप्त होटल संचालकों और गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट पर सख्त करवाई करने के का आदेश दिया पर उसके बाद भी मौन थे ऐसे में पुलिस अधीक्षक धवल जायसवाल के सख्ती के बाद लगातार देह व्यापार जिस्म परोसी के कारनामे कुशीनगर में उजागर होने के बाद चौकी प्रभारी विवेक पांडे को ज्ञात हुआ कि उनके इलाक़े में बड़े पैमाने पर देह व्यापार की धंधा चल रहा है। आपको बता दें कि जिस पत्रकार की गाड़ी को 24 घंटे के अंदर चोरी की गाड़ी बरामद करने की दावा करने वाले चौकी प्रभारी के नाम से अपराधी इतना डर जा रहे हैं कि थाने में गाड़ी छोड़कर चोर भाग जा रहे हैं। अपने बचाव में उतरी खाकी वर्दी नित्य नए फर्जी कारनामें से योगी सरकार के अपराध नियंत्रण आदेश को मनमाने तरीके से बेगुनाह लोगों को हिरासत में लेकर फर्जी मुकदमों में जेल भेज रही है। लूट और चोरी प्रकरण इसका जीता जागता उदाहरण है जहा एक सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर रिवाल्वर की फोटो डालना एक युवक को भारी पड़ गया जबकि रिवाल्वर किसी और का था लेकिन मुख्य अभियुक्त भी इस प्रकरण में शामिल था जिसे पुलिस ने उसे यह कह कर छोड़ दिया कि कहीं उसका भविष्य खराब ना हो जाए जबकि सच्चाई जनता अच्छी तरह से जानती है कि पैसे लेकर हिरासत में लिए गए युवकों को छोड़ दिया अब देखने वाली बात यह है कि झूठी कारवाई के नाम पर पुलिस अपने बचाव में कब तक बेगुनाह लोगों को आरोपी बनाकर उनकी जिंदगी से खिलवाड़ करती रहेगी।जी न्यूज रिपोर्टर कृष्णा सपहा
