भ्रष्टाचार के मामले में घुघली ब्लॉक ने सारे हदे कर दी पार।
एक नजर इधर भी

उत्तर प्रदेश जनपद महराजगंज के घुघली ब्लॉक में मानकों की खूब धज्जियां उड़ाई जा रही है, कही पर मेस्ट्रोल जारी है और मजदूर गायब हैं, तो कही पर विना काम पास हुए और बिना मस्टरोल जरी हुए ही एडवांस में कराए जा रहे है |
महराजगंज/घुघली | वैसे तो मनरेगा में आये दिन कही ना कही भ्रष्टाचार और घोटाला देखने को मिलाता ही रहता है यह कोई नयी बात नहीं है, परन्तु यह आप को अन्य विकास खंडो में कभी कभार ही देखने को मिलेगा लेकिन यदि वही बात करे घुघली विकास खण्ड कि तो आप जहाँ जायेंगे वही भ्रष्टाचार देखने को मिलेगा |
ऐसा ही एक मामला विकास खण्ड के एक ग्राम सभा टेढ़वा से निकल कर आया है जहाँ पर “टेढ़वा में विनोद के घर से पुर्नवासी के खेत तक चक मार्ग पर मिटटी कार्य” तथा “टेढ़वा में नहर से सुदर्शन राय के खेत तक सी सी रोड/इटरलॉकिंग कार्य” चल रहा था जिसमे कुल 22 मजदूरों की हाजिरी लगी हुई है और मौके पर पता चला कि यह कार्य तो दस दिन पूर्व में ही समाप्त हो गया है तथा वतर्मान में कही पर कोई काम नहीं चल रहा है और न ही कही पर मजदूर लगाये गए है | अब आप समझ सकते है कि जो काम दस दिन पहले ही समाप्त हो गया हो और मस्टरोल दस दिन आगे तक चल रहा हो बिना मजदूरों के, उसका पैसा कहा जायेगा और किन-किन लोगों में बंदरबाट होगा |
बात अभी यही समाप्त नहीं होती है एक मामला ग्राम सभा भिस्वा उर्फ़ कोटिया का भी है जहाँ पर बिना काम पास हुए और बिना मस्टरोल जारी हुए ही “रामदरश के घर से छेदी के घर होते बैजनाथ के खेत तक इंटरलॉकिंग कार्य” लगभग तीन हिस्सा काम समाप्त हो रहा है और ब्लाक के अधिकारीयों को इसकी भनक तक नहीं है | अब आप खुद सोचिये कि बिना काम पास हुए आखिर किस आधार पर हो रहा है, जैसे कार्य का मानक क्या है, कितनी गिट्टी पड़नी चाहिय, उसकी लम्बाई चौड़ाई क्या होनी चाहिए, कितने मजदूर होने चाहिए बिना इन सब की गणना किए ही काम कराना क्या उचित है ? आखिर बाद में किस आधार पर मजदूरी का भुगतान तथा मटेरियल का भुगतान होगा ? इससे यह साफ़ जाहिर हो रहा है कि इस कार्य में कम मटेरियल का प्रयोग कर अधिक मात्रा दिखाकर तथा कम मजदूर लगाकर बाद में अधिक मजदूर दिखाकर भुगतान होगा | आखिर इस प्रकार के भ्रष्टाचार किनके सहयोग से हो रहा है और कौन कौन लोगो की मिली भगत है जिनके दम पर ग्राम प्रधानखुलेआम भ्रष्टाचार कर रहे है ? इन तथ्यों की जाँच किया जाना अति आवश्यक है।