सदियों पुराने इतिहास को अपनी और आकर्षित करने वाले शिव मंदिर पर हुआ विशाल भंडारे का आयोजन
हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर किया भंडारे का प्रसाद ग्रहण

पीलीभीत:- कलीनगर तहसील क्षेत्र के जमुनिया खास में स्थित सदियों पुराने इतिहास को अपने और आकर्षित करने वाले ओढ़ाझार शिव मंदिर पर हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी विशाल भंडारे का आयोजन किया गया नववर्ष के पहले दिन गांव की कमेटी द्वारा विशाल भंडारे का कार्यक्रम रखा गया जिसमे आसपास क्षेत्रों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु भंडारे का प्रसाद ग्रहण करने आये। महोफ सीमा के समीप स्थित शिव मंदिर जनपद ही नहीं बल्कि आसपास जनपदो के श्रद्धांलुओं का आस्था का केंद्र है इस प्राचीन मंदिर में सावन पर शिव भक्तों का खासा भीड़ लगती है प्रत्येक अमावस व चैत्र को यहाँ विशाल मेला भी लगता है गांव से करीब एक किमी दूर जंगल सीमा पर स्थित इस शिव मंदिर का इतिहास सदियों पुराना है गांव के बड़े बुजर्ग बताते है कि करीब तीन सौ साल पहले उक्त स्थान पर जैन धर्म के लोग निवास करते थे बुजर्गों का कहना है कि एक महामारी के चलते पूरा गांव उजड़ गया था अंग्रेजी हुकूमत के दौरान यहां खेती शुरू हो गई इस बीच रानी सुन्दर कुंवर व्याह कर आई और उन्होंने सूखा पड़ने पर खन्नोत नदी के उदगम स्थल के पास तालाब खुदवाया खुदाई के दौरान एक शिवलिंग निकला उस शिवलिंग को एक चबूतरे पर रखवा दिया गया कुछ समय बाद जब गांव के लोगों को इसकी जानकारी हुई तो ग्रामीणों ने शिवलिंग को गांव में लाने के प्रयास शुरू किए बताते है कि ग्रामीणों ने शिवलिंग को उठाने का प्रयास किया लेकिन वह सभी लोग शिवलिंग को उठाने में नाकाम रहे हाथियों का भी सहारा लिया गया लेकिन प्रयास विफल रहा इस बीच रजवाड़े परिवार के कुंवर प्रहलाद सिंह ने गांव के समीप ही एक मंदिर की स्थापना कराई उस दौरान शिवलिंग ना उठने की बात सामने आई तो प्रहलाद सिंह समेत पांच लोगों ने शिव की आराधना कर शिवलिंग को उठाने का प्रयास किया इस बार प्रयास सफल हुआ मंदिर परिसर में शिवलिंग की स्थापना कर दी गई इसके चलते लोगों की आस्था मंदिर के प्रति और बढ़ती गई इस मंदिर का संचालन मंदिर कमेटी द्वारा किया जा रहा है मंदिर के नाम दस एकड़ जमीन भी है भंडारे की कमेटी के सक्रिय सदस्य और शिक्षक धर्मेंद्र कुमार वर्मा ने बताया शिव मंदिर पर अमावस व चैत्र पर विशाल मेला लगता है जिसमें जनपद ही नहीं बल्कि आसपास जनपदों के श्रद्धालु पूजा अर्चना करने के साथ-साथ तमाम तरह के संस्कार भी कराते है उन्होंने बताया की गांव के कई सम्मानित लोगों के सहयोग से विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है जिसमे आसपास क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धांलु प्रसाद ग्रहण करते है।
जिला ब्यूरो धर्मपाल पीलीभीत