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स्त्री गौरव अवार्ड 2023 से नवाजा गया है।

पिंकी कुमारी जी सलेमपुर तहसील के बनरही निवासी श्री बंकेश्वर विश्वकर्मा और पानमती देवी जी की पुत्रवधू हैं जोकि साधारण किसान परिवार से हैं और खेती से ही जीवनयापन करते हैं। पिंकी कुमारी जी के पति का नाम श्री चंद्रशेखर विश्वकर्मा हैं, वो शिक्षक हैं एवं दिल्ली स्थित कोचिंग्स में आईएएस के मुख्य विषयों के लिये अध्यापन कार्य करते हैं। पिंकी कुमारी जी वर्तमान में दिल्ली स्थित दृष्टि आईएएस संस्थान की कंपनी VDK Eduventure pvt Ltd में विगत 6 वर्षों से पुस्तक प्रकाशन में सहयोग कर रही हैं। इसके अलावा कवयित्री और लेखिका भी हैं। नवम्बर, 2022 में डॉ. जी.वी.जी. कृष्णमूर्ति (पूर्व चुनाव आयुक्त) के जन्मदिन के अवसर पर नई दिल्ली स्थित गांधी शांति प्रतिष्ठान में श्रीमती पिंकी कुमारी जी को ‘शब्द साधिका’ सम्मान से सम्मानित किया गया। उन्हें ‘शब्द साधिका’ सम्मान उनके द्वारा लिखी गईं बेहतरीन कविताओं और लेखों के लिये दिया गया है। इससे पूर्व भी पिंकी कुमारी जी ने कई बार प्रदेश और जिले का नाम रोशन कर चुकी हैं आपको बता दें कि वर्ष 2017 में पिंकी कुमारी जी को भारतीय साहित्य उत्थान समिति द्वारा ‘कलमवीर’ की उपाधि से भी सम्मानित किया जा चुका है। साथ ही अपने ससुराल बनरही में महिला शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करना चाहती हैं। सलाम करते हैं हम आपके जज्बे को 🙏

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