सडक के लेपन कार्य में धांधली का आरोप-
नगरा ( बलिया) : प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही भ्रष्टाचार पर जीरो टारलेंस की निति पर चलने का प्रयास कर रहे है
किन्तु आज भी कतिपय विभाग व उसके अधिकारी बेखौफ होकर भ्रष्टाचार का घोडा सरपट दौडा रहें हैं। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण रेकुंआ से खैरा निस्फी तक बन रही दो किलोमीटर लंबी सडक है। इस सडक पर लेपन कार्य चल रहा है। क्षेत्रीय ग्रामीणों ने लेपन कार्य में धांधली करने का आरोप लगाते हुये इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की है। ग्रामीणों का आरोप है कि लेपन कार्य में तारकोल का प्रयोग नाम मात्र का हो रहा है। नीचे गिट्टी बिछाई नही गयी है। सडक के सतह पर से ही लेपन का कार्य शुरु करा दिया गया है। लेपन कार्य में पर्याप्त गिट्टी भी नही डाली जा रही है। यदि लेपन को हटा कर देखा जाय तो नीचे धूल व मिट्टी ही दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि मानक व गुणवत्ता विहीन बन रही सडक केवल छह माह में ही टूट कर बिखर जायेगी। सडक पर गड्ढे ही नजर आयेगें।
खैरा निस्फी के प्रधान प्रतिनिधि श्यामनारायण गिरी का कहना है कि ठेकेदार द्वारा सडक का घटिया निर्माण कराया जा रहा है। यह उचित नही है। इसकी जांच करा कर दोषियों पर कार्यवाई होनी चाहिये।
युवा समाजसेवी संजीव गिरी का कहना है कि सडक पर लेपन कार्य मानक व गुणवत्ताविहीन हो रहा है। यदि इसका विरोध किया जाय तो कहा जायेगा कि सरकारी कार्य में बाधा डाला जा रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री जी को चाहिये कि इसका संज्ञान लेकर दोषियों को दंडित करें।
चंद्रशेखर गिरी कहते है कि यह सडक छह माह में ही टूट जायेगी। इसका घटिया निर्माण किया जा रहा है। शासन प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिये।

