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रेखदेख के अभाव में ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें हो रही क्षतिग्रस्त ,रिपेयर और पैच वर्क करना भूला विभाग,सड़क किनारे रहने वाले और वाहन चालाक हो रहे परेशान ,अधिकारी बोले ठेकेदारों को किया गया है निर्देश , रायसेन जिला ब्यूरो चीफ आशीष सिंह रजक बरेली

कहने को तो ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीणों के आवागवन के लिए सड़कों का जाल बिछा दिया गया है जो प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत बनवाई गई है किंतु निर्माण कार्य की गुणवत्ता और देखरेख के अभाव में यह सड़क है अब ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबक बनती जा रही है। प्रतिवर्ष बारिश के बाद यहां यह सड़कें क्षतिग्रस्त हो जाती है , जिन पर लोगों का पैदल चलना और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। दिन में कई सड़कें तो ऐसी है जो गारंटी पीरियड की है, लेकिन सड़क निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग के कारण यह सड़कें समय से पहले ही खराब हो गई, जिसका खामियाजा ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को उठाना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्र की इन सड़कों का निर्माण प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत किया गया था। विभाग के अधिकारियों ने भी सड़क निर्माण के दौरान गुणवत्ता की मॉनीटरिंग पर कोई ध्यान नहीं दिया, जिस कारण उनका डामर उधड गया है।वहीं दूसरी ओर कई स्थानों पर यह सड़क जगह जगह से धस गई है और बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं। जिन पर वाहन चलाना लोगों के लिए मुश्किल हो रहा है।ऐसी ही सड़क की बदहाली का खमियाजा अलीगंज , शिवनी , बरहाके निवासियों को उठाना पड़ रहा है बता दे की शिवनी और बरहा दोनों ग्रामों की कुल संख्या लगभग 5000 है यहां के निवासी प्रतिदिन अपने तहसील , अदालत अस्पताल सहित कृषि कार्य सहित अन्य जरूरी कार्यों के लिए बरेली आते हैं। साथ ही स्कूली वाहन और बच्चे स्कूल आते हैं जो प्रतिदिन सड़क की इस दुर्दशा के कारण अपना सफर मुश्किलों से करने को मजबूर हैं।इस संबंध में अलीगंज के निवासी दिनेश धाकड़ , देवेंद्र धाकड़ ने बताया कि हमारे घर के सामने से ही यह सड़क निकली है लेकिन छतिगस्त सड़क होने के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है वर्ष के 12 महीने इस मार्ग पर कीचड़ जमा रहती है।

सड़क की मरम्मत को लेकर हम लोगों के द्वारा पूर्व में कई बार शिकायत की जा चुकी है लेकिन अधिकारियों के द्वारा इस और ध्यान नहीं दिया जा रहा।कहने को तो सरकार के द्वारा प्रतिवर्षसड़क की मरम्मत की बात कही जाती है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और बयां करती है , उन्होंने कहा कि यदि सड़क की जल्द से जल्द मरम्मत नहीं होती है तो हम ग्रामीणों के द्वारा चक्का जाम किया जाएगा।लगभग चार किलोमीटर लम्बी सड़क जगह जगह टूटकर गड्ढे में बदल गई है। इस मार्ग से लगभग 8 से 10गांव जुड़े हुए है लेकिन सड़क की बदहाली लोगों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों के द्वारा कई बार सड़क की मरम्मत व चौड़ीकरण की मांग की जा चुकी है। लेकिन जिम्मेदार विभाग समस्या से अनजान बना हुआ है। ऐसी ही परेशानी का सामना बरेली सेकामतोन , छींद , चैनपुर , सिनवाह ,मेहरागांव से सेमरी खूबचंद , किनगी सहित कई गांव हैं जहां की सडक में बड़े स्तर पर क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। साथ ही इन मार्गों की पुलिया भी काफी जर्जर हो चुकी है।बना रहता है खतरे का अदेशा –सड़क पर दुर्घटना का बना रहता है खतरा अलीगंज निवासी हीरालाल धाकड़ ने बताया अलीगंज से आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में पहुंचने वाले मार्ग पहले छतिगस्त थे लेकिन आवागमन में कोई परेशानी नहीं होती थी। लेकिन वर्तमान में सड़क की स्थिति काफी दयनीय हो गई है।

किसान गणपत सिंह ने बताया कि इस मार्ग की स्थिति काफी खराब है दो-तीन दिन में एक बार बरेली जाना होता है। इस दौरान ट्रैक्टर ट्रॉली लाने ले जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सड़कों की मरम्मत करने के दिए हैं निर्देश–जब क्षतिग्रस्त पुलिया के संबंध में एसडीओ सोनम दुबे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि सड़कों की रिपेयरिंग का कार्य चल रहा है। जो सड़कें रिपेयरिंग के लिए बची है उनके रिपेयरिंग के लिए ठेकेदारों को निर्देश किया है।

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