परिक्रमा वासियों की सेवा में तत्पर रहते हैं युवाबिगत 20 वर्षों से परिक्रमा वासियों के लिए चाय नाश्ता और रखते हैं स्वास्थ का ख्याल ।
रायसेन जिला ब्यूरो चीफ आशीष सिंह रजक बरेली। क्षेत्र के नर्मदा तट ग्राम अलीगंज में नर सेवा नारायण सेवा की श्रृंखला में एक ऐसी समिति जो वर्षों से नर्मदा तक से निकलने वाले परिक्रमा वासियों की सेवा करती आ रही है बता दें कि वर्ष के चातुर्मास को छोड़कर 8 महीने यह समिति प्रतिदिन सुबह 5:00 बजे उठकर परिक्रमा वासियों की सेवा में लग जाती है इस संबंध में गांव के ही राजेंद्र धाकड़ ने बताया कि वर्षों पहले हमारे गांव के नर्मदा तट से निकलने वाले परिक्रमा वासीयों को देखकर गांव के युवाओं ने यह निर्णय लिया कि क्यों ना हम यहां से निकलने वाले परिक्रमा वासियों की सेवा करें। जिसको लेकर एक समिति का गठन किया गया और समिति ने यह निर्णय लिया कि प्रतिदिन सुबह नाश्ता तैयार कर निकलने वाले परिक्रमा वासियों को चाय नाश्ता की व्यवस्था कराई जाए इसको लेकर उन्होंने बताया कि विगत 20 वर्षों से समिति प्रतिदिन परिक्रमा वासियों के लिए नाश्ता उपलब्ध कराती है वर्तमान में समिति में 15 युवा कार्यरत है समिति के प्रमुख पोहप सिंह धाकड़ जो की विगत 20 वर्षों से घाट के किनारे एक आश्रम बनाकर परिक्रमा वासियों की सेवा कर रहे थे । जो अपने स्तर पर परिक्रमा वासियों के लिए चाय नाश्ता बीमार होने पर उनका इलाज आदि सुविधाएं मुहैया कराते थे। ऐसे में उनके साथ गांव के युवाओं के द्वारा भी सेवा भाव की इच्छा व्यक्त करते हुए उनके साथ जुड़ गए।
जो आज वर्तमान में प्रतिदिन सुबह 5:00 बजे उठकर नाश्ता तैयार करते हैं और अपनी-अपनी मोटरसाइकिल से नर्मदा के दोनों दिशाओं में जिसमें ग्राम बरहा की तरफ एवं नीचे मांगरोल की तरफ ऐसे लगभग 10 किलोमीटर के क्षेत्र में मोटरसाइकिल से पहुंचकर परिक्रमा वासियों के लिए नर्मदा तटों पर बने आश्रम में रुकने वाले परिक्रमा वासियों के लिए पोहा जलेबी एवं प्रतिदिन बदलकर नाश्ता साथ में चाय की व्यवस्था करवाती है।ऐसे की जाती है व्यवस्थासंबंध में गांव के दिनेश धाकड़ ने बताया कि प्रतिदिन समिति के एक सदस्य के द्वारा यह जिम्मेदारी ली जाती है जिसका पहले ही व्हाट्सएप ग्रुप पर मैसेज डाल दिया जाता है कि कल की समस्त व्यवस्थाएं उक्त व्यक्ति के द्वारा की जा रही है जिसमें सभी समिति के सदस्यों के द्वारा अपनी महिती भूमिका निभाई जाती है।इन दिनों हजारों की संख्या में लोग मां नर्मदा की परिक्रमा कर रहे हैं. परिक्रमा वासियों की सेवा के लिए भी नर्मदा के उत्तर और दक्षिण तटों पर सैकड़ों आश्रम बने हैं. जबकि रास्ते भर अनेक सेवा भावी लोग अपने-अपने स्तर से सेवा में जुटे रहे हैं। वहीं ग्राम में युवाओं ने ऐसा संगठन बनाया है, जो सुबह की चाय, नाश्ता, कराते हैं और भोजन व रुकने के लिऐ पोहप सिंह धाकड़ रात्रि विश्राम और दोनों टाइम का भोजन खुद बना कर सबको खिलाते हैं. उनके रहने की पूरी व्यवस्था भी यहीं लोग देखते हैं. इसमें आने वाला खर्च स्वयं ही वहन करते है. किसी को चोट लगी हो या बीमार हो तो उसका इलाज भी कराते हैं.। इस सेवा में पोहप सिंह धाकड़, संदीप सोनी, धर्मेन्द्र धाकड, दिनेश धाकड़, हरि ओम धाकड़, सचिन अग्रवाल सहित अन्य युवा सेवा करते हैं